सिरसा जिले के चौटाला गांव निवासी 19 वर्षीय पवन की हत्या के करीब 6 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया की अदालत ने युवती के पिता जीत राम को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
मामला 10 मार्च 2020 का है। जानकारी के अनुसार, पवन का गांव की ही एक युवती के साथ करीब 3-4 साल से प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे। युवती के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। इसको लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ और पंचायत भी हुई थी।
पंचायतों के बाद बाद एक-दूसरे से रहा रिश्ता
अदालत में चले मामले के अनुसार, पंचायत के दौरान पवन और उसके परिवार ने आगे युवती से संपर्क नहीं रखने का भरोसा दिलाया था। इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा। युवती के पिता जीत राम को इसकी जानकारी होने के बाद पवन से रंजिश बढ़ गई।
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होली के दिन घर की गली में आया था पवन
10 मार्च को होली के दिन पवन बाइक से युवती के घर के सामने से दो-तीन बार निकला था। जीत राम ने उसे गली में आने से मना किया था। बाद में शाम करीब 4 बजे उसे जानकारी मिली कि पवन दोबारा गली में आया है। इसके बाद वह गुस्से में घर में रखा चाकू लेकर उसकी तलाश में निकल गया।
6 साल बाद अदालत ने सुनाई सजा
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जीत राम को दोषी करार दिया था। इसके बाद शुक्रवार को सजा पर सुनवाई हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
परिवार की ओर से अदालत के फैसले पर संतोष जताया गया है। मामले में पवन के भाई संदीप कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस कार्रवाई शुरू हुई थी।







