नाथूसरी चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाली कुताना माइनर, वरूवाली नहर और नोहर फीडर नहर पर अवैध रूप से बनाई गई होदियों के खिलाफ सिंचाई विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम एसडीओ के नेतृत्व में जेसीबी की मदद से अवैध होदियों को तोड़ रही है।
विभाग के अनुसार अब तक करीब 50 प्रतिशत अवैध होदियां तोड़ी जा चुकी हैं, जबकि शेष होदियों को हटाने का अभियान भी लगातार जारी है। दरअसल, नहरों की टेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने को लेकर नहराना हेड पर जमाल गांव के ग्रामीणों ने धरना शुरू किया था।
धरने को चौपटा क्षेत्र के साथ राजस्थान के किसानों का भी समर्थन मिला था। छह दिन बाद सिंचाई विभाग के आला अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों को स्वीकार करते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस पूरे मामले में समाजसेवी रघुवीर कड़वासरा और कुतियाना गांव के सरपंच एवं सरपंच एसोसिएशन के जिला महासचिव विनोद बांगड़वा सहित क्षेत्र के सैकड़ो किसानों ने कई नेहरो की टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
दोनों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से अवैध होदियां हटाने, नहरों की टेल तक पूरा पानी पहुंचाने, पानी चोरी पर सख्त कार्रवाई करने तथा नहरों के आउटलेट दुरुस्त करवाने की मांग रखी। इसके अलावा कुताना माइनर से कूड़ा-कचरा हटाने, नहर के दोनों तरफ मिट्टी लगवाने, पुलों को ऊंचा करने और जमाल गांव में घरों का दूषित पानी माइनर में जाने से रोकने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी गई।
रघुवीर कड़वासरा और विनोद बांगड़वा ने अवैध होदियों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू करने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से किसानों को राहत मिलेगी और नहरों की टेल तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप माथूर ने बताया कि अवैध होदियों को जेसीबी की सहायता से तोड़ा जा रहा है और शेष अवैध होदियों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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