शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: डीसी आयुष सिन्हा

फरीदाबाद, 1 मई

हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाधान शिविर में प्राप्त जनशिकायतों की प्रगति की समीक्षा करना रहा। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने की।

वीडियो कांफ्रेंस के उपरान्त उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने ‘समाधान शिविर’ की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समयबद्ध निवारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की पेंडेंसी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि जल्द से जल्द सभी लंबित शिकायतों की एटीआर पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड हो जानी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के दौरान डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 की कई शिकायतें अभी भी लंबित हैं, जिन पर एक बार भी एटीआर जमा नहीं की गई है।  उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आज ही आंतरिक बैठक कर जमीन और राजस्व से जुड़ी शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित करें। साथ ही शिक्षा, डीएचबीवीएन, एचएसवीपी, उद्योग और समाज कल्याण विभाग को भी अपनी रिपोर्ट तुरंत अपडेट करने के निर्देश दिए गए।

डीसी आयुष सिन्हा ने एटीआर जमा करने की प्रक्रिया में सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि परफॉर्मा भरते समय अधिकारी एटीआर में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि शिकायतकर्ता को टेलीफोन पर सूचित किया गया है या नहीं और वह समाधान से संतुष्ट है या नहीं।  उन्होंने अनिवार्य किया कि समाधान रिपोर्ट पर संबंधित एमिनेंट व्यक्ति का नाम और फोन नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो, ताकि शिकायत को तकनीकी आधार पर दोबारा री-ओपन न किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकार समाधान शिविर के माध्यम से जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बेहद गंभीर है और ‘फर्स्ट इन टाइम’ के सिद्धांत पर प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का निस्तारण किया जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर ऐसा हो, जिससे शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट हो।

साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों का समाधान हो चुका है, उन्हें संबंधित पोर्टल से समयबद्ध रूप से हटाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि लंबित मामलों के आंकड़ों में पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक पेंडेंसी पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक जिला स्तर पर लघु सचिवालय तथा उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।

समीक्षा बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार, डीसीपी उषा कुंडू, डीडीपीओ प्रामिन्दर, सीएमओ डॉ जयंत आहूजा सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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