सिरसा जिले व रानियां तहसील के गांव फतेहपुरिया का है जहां कृष्ण ढाका पुत्र श्री बृज लाल ढाका गांव फतेहपुरिया के दोनों गुर्दे खत्म हो गए थे, अब जान बचना मुश्किल लग रहा था, डॉक्टर से सलाह ली गयी तो पता चला कि अगर कोई गुर्दा डोनेट कर दे तो इनकी जान बच सकती है।
तभी कृष्ण की पत्नी मंजू देवी ने ठान लिया कि वह अपने पति परमेश्वर को गुर्दा देंगी। अब प्रोसेस शुरू किया गया और सफल ऑपरेशन के बाद पत्नी ने पति को गुर्दा दे दिया और जान बचा ली। अब दोनों पति पत्नी एक एक गुर्दे पर जिंदगी को आगे बढ़ा रहे हैं और फिलहाल दोनो स्वस्थ हैं। फिलहाल इन्फेक्शन फैलने के डर के चलते दोनो पति पत्नी से किसी को मिलने की अनुमति नहीं हैं।
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