बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए बना विशेष सेल, हर 15 दिन में होगी समीक्षा – अनिल विज
चण्डीगढ़, 7 मई – हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा है कि प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों के ऊपर से गुजर रही खतरनाक बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक समर्पित सेल का गठन किया जाए, ताकि कार्य की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
*सेल खतरनाक लाईनों की शिफिटंग की करेगा निगरानी- विज*
इस संबंध में जानकारी देते हुए श्री विज ने बताया कि गठित सेल खतरनाक बिजली लाइनों की शिफ्टिंग से संबंधित सभी कार्यों की सतत निगरानी करेगा तथा प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट ऊर्जा मंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने पंचकूला स्थित मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) की अध्यक्षता में विशेष सेल गठित किया है, जिसमें एक अधीक्षक अभियंता, संबंधित ऑपरेशन सर्कल के एक्सईएन/एसडीओ तथा एक्सईएन (योजना) को शामिल किया गया है।
*33 केवी की 21 लाईनें की गई शिफट- विज*
श्री विज ने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत 33 केवी बिजली लाइनों को शिफ्ट करने हेतु कुल 27 व्यवहारिक स्थलों की पहचान की गई थी, जिनमें से सभी 27 कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इनमें से 21 लाइनों (77.8 प्रतिशत) की शिफ्टिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष 6 लाइनों पर कार्य प्रगति पर है।
*11 केवी की 1116 लाईनें हुई शिफट- विज*
इसी प्रकार, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए निगम द्वारा 1299 स्थान चिन्हित किए गए। इनमें से 1116 लाइनों (85.9 प्रतिशत) को सफलतापूर्वक शिफ्ट किया जा चुका है, जबकि 183 लाइनों पर कार्य तेजी से जारी है।
उन्होंने बताया कि जिला झज्जर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद स्थित राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पानीपत के भालसी स्थित राजकीय मॉडल स्कूल एवं विकास नगर के जीपीएस स्कूल, सोनीपत के जीएसएस एवं जीपीएस आर.के. कॉलोनी तथा फाजिलपुर के जीपीएस स्कूल, इसके अलावा अंबाला के जीएचएस मंडोर स्कूल के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइनों को सफलतापूर्वक शिफ्ट किया जा चुका है।
इसी प्रकार अंबाला के जीएसएस टूंडली, जीएसएसएस एवं जीपीएस सपेड़ा, कुरुक्षेत्र के जीएसएस सिरसामा, जीपीएस चुनिया फार्म, जीजीपीएस पिहोवा, पानीपत के जीएमएस पलहेड़ी, जीएसएसएस सौंधापुर, जीपीएस बिलासपुर एवं जीपीएस किवाना, सोनीपत के जीपीएस जाजी एवं जीपीएस कलासपुर तथा यमुनानगर के पीएम श्री जीएसएसएस सारावां स्कूलों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइनों को भी स्थानांतरित किया जा चुका है।
*‘शहरी क्षेत्रों में अधिकतम दो घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे से अधिक बिजली बाधित नहीं होनी चाहिए’ – विज*
ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं कि शहरी क्षेत्रों में अधिकतम दो घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय से अधिक अवधि तक बिजली बाधित रहती है, तो संबंधित अधिकारियों, विशेषकर अधीक्षण अभियंता (एसई), के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा गंभीर मामलों में निलंबन तक की कार्रवाई संभव होगी।
*‘मेंटेनेंस कार्यों के दौरान पर्याप्त उपकरण और सुरक्षा साधन उपलब्ध हों’ – विज*
श्री विज ने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन और मरम्मत कार्यों को लेकर भी आवश्यक निर्देश जारी किए हुए हैं, जिसके तहत मेंटेनेंस स्टाफ के पास सभी आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन तथा ट्रांसफार्मर ट्रॉली उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हुए हैं कि भविष्य में स्थापित किए जाने वाले सभी बिजली सब-स्टेशनों को जलभराव संभावित क्षेत्रों से दूर बनाया जाए। यदि ऐसी स्थिति से बचना संभव न हो, तो सब-स्टेशन को संभावित जलस्तर से कम से कम दो फुट ऊंचाई पर स्थापित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना भी अनिवार्य होगा।
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