सिरसा, 18 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग, माधोसिंघाना सर्कल की ओर से बेटी बचाओ-भ्रूण हत्या रोकथाम जन-जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सर्कल सुपरवाइजर कुसुम ने किया।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, स्कूली छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों और इसे रोकने के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई।
सर्कल सुपरवाइजर कुसुम ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक सामाजिक बुराई है। उन्होंने बताया कि लिंग जांच करवाना और कन्या भ्रूण हत्या करवाना पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि बेटियों को जन्म लेने का अधिकार है और समाज को मिलकर भ्रूण हत्या जैसी कुरीति को समाप्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेटी को कोख में ही मत मारो, उसे जन्म लेने दो। आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। बेटी है तो परिवार है और बेटी है तो भविष्य है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बेटी बचाओ विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। इसके बाद माधोसिंघाना सर्कल से मुख्य बाजार तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में प्रतिभागियों ने ‘बेटी बचाओ-देश बचाओ’ और ‘भ्रूण हत्या बंद करो’ जैसे नारे लगाकर लोगों को बेटियों के संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को कन्या भ्रूण हत्या न करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई।
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