समयबद्ध उठान के साथ गेहूं उपज का समुचित भंडारण करें खरीद एजेंसी : डीसी
झज्जर, 02 मई।
जिले की अनाज मंडियों में जारी गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने स्पष्ट किया कि किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फसल की खरीद के साथ-साथ उसका समय पर उठान और वैज्ञानिक भंडारण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था उत्पन्न न हो और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीसी ने संबंधित अधिकारियों और खरीद एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें तथा मंडियों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि खरीद प्रक्रिया को सरल, सहज और किसान हितैषी बनाया जाए, जिससे किसानों का भरोसा मजबूत हो।
उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड तथा हरियाणा राज्य भंडारण निगम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे खरीद के साथ-साथ उठान की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करें।
जिला की मंडियों और खरीद केंद्रों में अब तक दो लाख 35 हजार 407 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज, जबकि दो लाख 4 हजार 372 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद व एक लाख 58 हजार 157 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।
उन्होंने बताया कि झज्जर अनाज मंडी में 64 हजार 711 मीट्रिक टन, बादली में 16 हजार 846 मीट्रिक टन, ढाकला में 15 हजार 446 मीट्रिक टन, बेरी में 51 हजार 109 मीट्रिक टन, मातनहेल में 35 हजार 802 मीट्रिक टन, माजरा डी खरीद केंद्र पर 21 हजार 399 मीट्रिक टन, छारा में 15 हजार 49 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 939 मीट्रिक टन तथा आसौदा में 13 हजार 106 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है।
इसी प्रकार खरीद के आंकड़ों के अनुसार झज्जर मंडी में 56 हजार 99 मीट्रिक टन, बादली में 13 हजार 616 मीट्रिक टन, ढाकला में 14 हजार 188 मीट्रिक टन, बेरी में 41 हजार 972 मीट्रिक टन, मातनहेल में 32 हजार 701 मीट्रिक टन, माजरा डी में 20 हजार 598 मीट्रिक टन, छारा में 10 हजार 966 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 1 हजार 939 मीट्रिक टन तथा आसौदा में 12 हजार 292 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि कुल खरीद की 77.4 प्रतिशत उपज का उठान हो चुका है।
डीसी ने कहा कि पीक सीजन के दौरान भंडारण और लिफ्टिंग व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मंडियों में किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, छाया और साफ-सफाई जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए।
Leave a Comment