सिरसा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभान मेहता ने शहर में सफाई व्यवस्था के बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों का समाधान करने की बजाय सुस्ती की चादर तानकर बैठी हुई है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जारी बयान में मेहता ने कहा कि शहर के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और जगह-जगह कूड़ा सड़ रहा है। इससे दुर्गंध के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस समय बरसाती मौसम चल रहा है। यदि तेज बारिश हुई तो सड़कों और गलियों में जमा कूड़ा-कचरा पानी के साथ बहकर जगह-जगह फैल जाएगा, जिससे स्थिति और भयावह हो सकती है। गंदगी और जलभराव के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा और लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का शिकार हो सकते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि यदि ऐसी स्थिति में महामारी फैलती है और लोग बीमार पड़ते हैं तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? सरकार और प्रशासन को समय रहते हालात संभालने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जबकि जनता नारकीय माहौल में रहने को मजबूर है। वीरभान मेहता ने सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों पर तत्काल बातचीत कर समाधान निकाला जाए और शहर में सफाई व्यवस्था बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गंदगी का यह संकट गंभीर रूप ले सकता है और इसके लिए सरकार व प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
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