“एक किसान परिवार में जन्म लेकर, अभावों के बीच संघर्ष करते हुए अपनी जमीन से जुड़े रहने वाले अनिल सुथार ने आज शिक्षा के सर्वोच्च शिखर को छू लिया है। गाँव चौटाला (जिला सिरसा) के गौरव, श्री सुभाष सुथार के सुपुत्र एवं श्री खींवसी राम सुथार जी के सुपौत्र अनिल सुथार को टांटिया यूनिवर्सिटी से भूगोल विषय में सफलतापूर्वक पी.एच.डी. (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएं! खास बात यह रही कि मौखिक परीक्षा के लिए JNU से डॉ B.C Vaidya जी पहुंचे ।
डॉ. अनिल सुथार की यह सफलता इसलिए भी बेहद खास और प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा अपने ही गाँव के सरकारी स्कूल (Govt. School) से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा महाराजा गंगा सिंह (MGS) यूनिवर्सिटी, बीकानेर से पूरी की। एक ग्रामीण पृष्ठभूमि और सरकारी स्कूल से निकलकर देश के सर्वोच्च शैक्षणिक मुकाम तक पहुँचने का उनका यह सफर आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है।
विगत 11 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और पिछले 9 वर्षों से हनुमानगढ़ के प्रतिष्ठित ‘बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज’ में कार्यरत डॉ. अनिल सुथार का यह मुकाम उनकी वर्षों की तपस्या का परिणाम है। राजस्थान भूगोल परिषद तथा पंजाब, हरियाणा व हिमाचल की सयुक्त भूगोल परिषद के आजीवन सदस्य के रूप में उन्होंने पहले ही भूगोल जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।’Ecotourism पर भारतीयों का दृष्टिकोण’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आपका शोध कार्य और समय-समय पर प्रकाशित आपके 3 राष्ट्रीय व 2 अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र आपकी उत्कृष्ट अकादमिक क्षमता को दर्शाते हैं।
‘भौतिक भूगोल’ जैसी महत्वपूर्ण पुस्तक के लेखक होने के साथ-साथ वर्तमान में आपके कुशल निर्देशन में 3 छात्र लघु शोध का कार्य कर रहे हैं, जो शिक्षा के प्रति आपके समर्पण का जीता-जागता प्रमाण है।आपके नाम के आगे लगा यह सम्मानजनक शब्द ‘Dr.’ आपकी कड़ी मेहनत, अटूट धैर्य और माता-पिता के आशीर्वाद का प्रतीक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपकी ज्ञान की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे और आप भविष्य में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करें। पूरे सुथार परिवार, किसान समाज और चौटाला गाँव को आपकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत गर्व है!
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