महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने छात्राओं से किया संवाद
सिरसा, 25 सितंबर।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने सिरसा के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान (महिला) का दौरा किया और वहां पढ़ रही छात्राओं के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को जीवन में सकारात्मक पहलुओं की ओर बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और सोशल मीडिया के दुष्परिणामों से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया।
उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया जहां ज्ञानवर्धन और कनेक्टिविटी का माध्यम है, वहीं इसका अंधाधुंध और बिना सोचे-समझे किया गया उपयोग मानसिक तनाव और साइबर अपराधों का कारण भी बनता है। उन्होंने छात्राओं को अपनी निजी जानकारियां, तस्वीरें और पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सजगता ही साइबर सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
महिला सुरक्षा और अधिकारों को लेकर मीना परमार ने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे अपने विरुद्ध होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, छेड़छाड़ या मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ चुप न रहें। छात्राओं को आगे आकर ऐसी हरकतों का कड़ा विरोध करना चाहिए और तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने संस्थान की प्राचार्या और स्टाफ को भी निर्देश दिए कि छात्राओं की सुरक्षा और उनसे मिलने वाली हर एक शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की कोताही, ढिलाई या लापरवाही को हरियाणा राज्य महिला आयोग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट, आयोग की सदस्य सुनीता लोहचब, सुरेंदर आर्य, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ दर्शना सिंह, जसविंदर कौर पिंकी, प्रिंसिपल राजेंद्र जिंदल, विभाग प्रमुख सुभाष चंद्र, विक्रम सानवाल, बलविंद्र कंबोज, मनु लाल, मोहित बांगर, संजीव टूटेजा, देवेंद्र कुमार, प्राध्यापक हरनेक सिंह, मुनीष जैन,अरविंद सिंह,राजेंद्र तायल सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।






