हरियाणा बनने के बाद 1 सितंबर 1975 को हिसार से अलग होकर सिरसा फिर से जिला बना

After the formation of Haryana, Sirsa was carved out of Hisar and became a district again on September 1, 1975.

सिरसा जिला के स्थापना दिवस पर विशेष नजर:
हरियाणा के सबसे पश्चिमी छोर पर बसा सिरसा जिला राज्य का सबसे बड़ा जिला है।

1. बुनियादी जानकारी
– क्षेत्रफल: 4,277 वर्ग किमी
– जनसंख्या (2011): 12,95,189, घनत्व लगभग 300 / किमी²
– मुख्यालय: सिरसा शहर
– ऊंचाई: लगभग 200 मीटर, निर्देशांक 29.53°N 75.02°E
– भाषाएँ: बागड़ी, हरियाणवी, हिंदी, पंजाबी
– सीमाएं: उत्तर-पश्चिम में पंजाब के मुक्तसर और बठिंडा, दक्षिण-पश्चिम में राजस्थान के गंगानगर-हनुमानगढ़, पूर्व में हरियाणा के फतेहाबाद और हिसार
– दूरी: चंडीगढ़ से ∼252 किमी, दिल्ली से ∼263 किमी, हिसार से 92 किमी

2. इतिहास
सिरसा को उत्तर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में गिना जाता है।

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– कहा जाता है कि 6वीं शताब्दी में राजा सरस ने यहाँ अपना स्वतंत्र दुर्ग बनाकर अपने नाम पर शहर बसाया था। सरस्वती नदी में बाढ़ और भूकंप से यह कई बार उजड़ा-बसा। स्थानीय कहावत है – “सिरसा 20-21 बार बसा और उजड़ा” इसलिए इसे कभी सिरसा तो कभी निरसा कहा जाता है।
– महाभारत काल में भी इसका उल्लेख मिलता है।
– आधुनिक सिरसा को 1837-38 में ब्रिटिश अधिकारी थोरसब ने बसाया। 1837 से 1884 तक यह ब्रिटिश भारत का एक बड़ा जिला था, जिसमें फतेहाबाद और फाजिल्का तक के इलाके शामिल थे। 1884 में अंग्रेजों ने इसे तोड़ दिया – 126 गाँव हिसार में और 31 गाँव फिरोजपुर में मिला दिए।
– हरियाणा बनने के बाद 1 सितंबर 1975 को हिसार से अलग होकर सिरसा फिर से जिला बना।

3. प्रशासनिक ढांचा
वर्तमान में जिले का ढांचा:
– तहसीलें: सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, कालांवाली, रानियां, नाथूसरी चौपटा
– उप-तहसीलें: गोरीवाला, चौटाला
– उपमंडल: सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद
– खंड (Block): सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, रानियां, कालांवाली, ओढ़ां, नाथूसरी चौपटा
– लोकसभा क्षेत्र: सिरसा (SC आरक्षित), जिसके अंतर्गत सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, रानियां, कालांवाली के साथ फतेहाबाद, रतिया, नरवाना विधानसभा भी आती हैं।

4. भूगोल और नदी
जिला घग्गर-हकरा (प्राचीन सरस्वती) नदी के तट पर स्थित है, जो अब बरसाती नदी रह गई है। जमीन मुख्यतः उपजाऊ दोमट है। सिंधु घाटी सभ्यता के महत्वपूर्ण स्थल बनवाली, करीवाला, नकोड़ा जैसे थेहड़ इसी क्षेत्र में हैं।

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5. अर्थव्यवस्था
सिरसा पूरी तरह कृषि प्रधान है।

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1975 में यहाँ धान 29 हजार टन और गेहूं 1.6 लाख टन होता था, अब औसतन धान 1.4 लाख टन और गेहूं 10 लाख टन प्रति वर्ष होता है। मुख्य फसलें – कपास, गेहूं, धान, सरसों। यह जिला कपास और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
हाल के वर्षों में कपड़ा, स्टील और फूड प्रोसेसिंग उद्योग भी आए हैं।

6. संस्कृति और राजनीति
तीन राज्यों की सीमा पर होने से यहाँ हरियाणवी, पंजाबी और बागड़ी / राजस्थानी संस्कृति का संगम दिखता है।

राजनीतिक रूप से सिरसा को हरियाणा की सियासत का दूसरा गढ़ कहा जाता है। पूर्व उप-प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का जन्म चौटाला गाँव (सिरसा) में हुआ, पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी यहीं से हैं।

खेल और सिनेमा में – भारतीय हॉकी कप्तान सरदार सिंह गाँव संतनगर के हैं, पंजाबी फिल्मों के निर्देशक मनमोहन सिंह भी सिरसा से हैं।

7. पर्यटन स्थल
– ओटू झील / चौधरी देवीलाल बांध: घग्गर नदी पर 1896-97 में बनी, 1200 एकड़ में फैली झील। इसे धनुर झील भी कहते हैं। प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध
– डेरा सच्चा सौदा: सिरसा में इसका मुख्यालय है
– तारा बाबा कुटिया, सालासर धाम मंदिर
– गुरुद्वारा चिल्ला साहिब और चोरमार साहिब
– काला तीतर पार्क: डबवाली के अबूबशहर के पास, अब उपेक्षित और खंडहर में तब्दील

राष्ट्रीय राजमार्ग 9 (पुराना NH-10 दिल्ली-फाजिल्का) और बठिंडा-रेवाड़ी रेलमार्ग जिले को जोड़ते हैं।

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