युवाओं को खाद्य सुरक्षा एवं राशनिंग व्यवस्था की दी गई व्यावहारिक जानकारी

सिरसा, 21 मई।

माय भारत केंद्र, सिरसा (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा युवाओं के कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता तथा सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी समझ विकसित करने के उद्देश्य से विशेष ‘अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम’ (ईएलपी) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के समन्वय से आयोजित किया गया।

जिला युवा अधिकारी (डीवाईओ) धनपत ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ‘अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम’ का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को सरकारी विभागों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के साथ-साथ समाज सेवा के लिए भी प्रेरित करते हैं।

सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा स्वयंसेवकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), राशनिंग व्यवस्था तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की कार्यप्रणाली और जमीनी हकीकत से अवगत कराना था, ताकि युवा भविष्य में समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर सकें।

उन्होंने युवाओं को विभाग की कार्यप्रणाली को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से खाद्यान्न का भंडारण, परिवहन और वितरण किया जाता है तथा राशन डिपो के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न पहुंचाया जाता है।

उन्होंने राशन वितरण में उपयोग की जाने वाली आधुनिक मशीनों और डिजिटल प्रणाली का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिया। साथ ही युवाओं को बताया कि तकनीक के माध्यम से वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गांवों और वार्डों में जाकर लोगों को उनके खाद्य अधिकारों के प्रति जागरूक करें तथा डिजिटल व्यवस्था को अपनाने में उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है और समाज में जागरूकता फैलाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के अगले चरण में युवाओं को खाद्य भंडारण की वास्तविक प्रक्रिया से परिचित कराने के लिए एक सरकारी खाद्यान्न गोदाम का दौरा भी करवाया गया। इस दौरान तकनीकी टीम ने युवाओं को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से अनाज को सुरक्षित एवं कीट-मुक्त रखने की प्रक्रिया की जानकारी दी। युवाओं ने गोदाम में अनाज की बोरियों की स्टैकिंग, गुणवत्ता जांच तथा स्टॉक रजिस्टर के रखरखाव की प्रक्रिया को करीब से देखा। इस व्यावहारिक दौरे से युवाओं को खाद्यान्न संरक्षण और वितरण प्रणाली की पूरी श्रृंखला को समझने का अवसर मिला, जिससे उनका सीखने का अनुभव और अधिक समृद्ध हुआ।

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