दहेज प्रथा पर पूर्ण अंकुश के लिए युवाओं को किया जाए जागरूक: एडीसी अर्पित संगल

सिरसा, 06 मई।
दहेज प्रथा पर रोक और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएसपी आदर्शदीप सिंह भी मौजूद रहे। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों के साथ चर्चा कर दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त कदम उठाने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।


अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। खासतौर पर युवाओं को इस अभियान से जोडऩे पर जोर दिया जाएगा, ताकि वे आगे आकर इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठा सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि उपमंडल स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं, जिनमें अभियान की प्रगति का आकलन किया जाए। साथ ही, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इस अभियान को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून का पालन करवाना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना भी है। इसके लिए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि दहेज मुक्त समाज की दिशा में ठोस और स्थायी कदम उठाए जा सकें।

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