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आखिर क्यों नहीं जलाते हैं बांस? बांस के संबंध में जानिए 21 रोचक बातें

शास्त्रों के अनुसार बांस की लकड़ी को जलाना अशुभ माना जाता है। किसी भी हवन अथवा पूजन में बांस को नहीं जलाया जाता है। भारतीय सनातन परंपराओं के अनुसार कहा जाता है की बांस की लकड़ी को जलाने से वंश का विनाश हो जाता है और पितृदोष लग जाता है।

आइए आज जानते है क्या है इसके पीछे की मान्यताएं…..

धार्मिक धारणाएं……
एक और धार्मिक धारणा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण अपने पास बांस की बांसुरी रखते थे, इसलिए बांस की लकड़ी को नहीं जलाया जाता है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार…..
भारतीय वास्तु विज्ञान के अनुसार भी बांस को शुभ माना जाता है। शादी, जनेऊ, मुण्डन आदि में बांस की पूजा एवं बांस से मंडप भी बनाया जाता है, इसलिए भी बांस को नहीं जलाया जाता है।

बुरी आत्माएं रहती है दूर……
मान्यताओं के अनुसार बांस का पौधा जहां भी होता है वहां बुरी आत्माएं नहीं आती हैं।

वैज्ञानिक कारण…….
बांस की लकड़ी में लेड और अन्य कई प्रकार की धातु होती है। बांस को जलने से ये धातुएं अपनी ऑक्साइड बना लेती हैं, जिसके कारण वातावरण दूषित हो जाता है। इसको जलना इतना खतरनाक है कि यह आपकी जान भी ले सकता है, क्योंकि इसके अंश हवा में घुले होते है और जब आप सांस लेते हैं तो यह आपके शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसके कारण न्यूरो और लिवर संबंधी परेशानियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

हिंदू धर्म में इसलिए नहीं होता अगरबत्ती का प्रयोग……
अगरबत्ती के निर्माण में बांस का प्रयोग होता है, इसलिए इसे जलाना शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक शास्त्रों में पूजा विधि में कहीं भी अगरबत्ती का उल्लेख नहीं मिलता है। अगरबत्ती बांस और केमिकल से बनाई जाती है जिसका सेहत पर बुरा असर होता है।

फेंगशुई के अनुसार क्यों नहीं जलाते है बांस को…….
फेंगशुई में लंबी आयु के लिए बांस के पौधों को बहुत शक्तिशाली माना जाता है। यह अच्छे भाग्य का भी संकेत देते है, इसलिए बांस को जलाना फेंगशुई की दृष्टि से भी अशुभ होता है।

पौष्टिक आहार भी है और औषधि भी है ‘बांस’

1. बांस का किसी वृक्षों पर मचान बनाया जाता है।

2. बांस से पाट जैसी नाव भी तैयार की जाती है।

3. बांस की संटी या किमची का उपयोग अगरबत्ती बनाने में भी होता है।

4. बांस से झोपड़ी या घर भी मनाया जाते हैं।

5. भारतीय सनातन परंपराओं में बांस का जलाना निषिद्ध है। इससे वंश नष्ट होने की मान्यता है। माना जाता है कि बांस जलाने से पितृदोष लगता है।

6. बांस का पेड़ घर के आसपास लगाना शुभ होता है।

7. ऐसी मान्यता भी है कि बांस जलाने से भाग्य का नाश हो जाता है। बांस का होना भाग्यवर्धक है लेकिन उसे जलाने से दुर्भाग्य घटित होता है।

8. फेंगशुई में लंबी आयु के लिए बांस के पौधे बहुत शक्तिशाली प्रतीक माने जाते हैं। अब तो घरों को आधुनिक लुक देने में भी बांस का प्रयोग किया जाने लगा है।

9. यह अच्छे भाग्य का भी संकेत देता है इसलिए आप बांस के पौधों का चित्र लगाकर उन्हें शक्तिशाली बना सकते हैं।

10. बांस से बांसुरी बनती है। भगवान श्री कृष्ण हमेशा अपने पास बांस की बांसुरी रखते थे।

11. भारतीय वास्तु विज्ञान में भी बांस को शुभ माना गया है। शादी, जनेऊ, मुण्डन आदि में बांस की पूजा एवं बांस से मण्डप बनाने के पीछे भी यही कारण है।

12. ऐसा भी माना जाता है कि बांस का पौधा जहां होता है वहां बुरी आत्माएं नहीं आती हैं।

14. बांस की डलिया, टोकरी, चटाई, बल्ली, सीढ़ी, खिलौने, कागज सहित कई वस्तुएं बनती हैं।

15. पूर्वोत्तर इलाके में बांस की छतरी भी बनाते हैं।

16. बांस के डंडे होते हैं जिन्हें लट्ठ भी कहते हैं। पुलिस वालों के पास बांस के डंडे होते हैं।

17. भारत में 136 किस्म के बांस पाए जाते हैं।

18. बांस की खेती भी होती है। पूरे भारत में 13.96 मिलियन हेक्टेयर में बांस की खेती होती है।

19. बांस का तेल भी बनाया जाता है।

20. बांस के फर्नीचर में बनते हैं जैसे सोफा, कुर्सी, अलमारी आदि। कृषि यंत्र बनाने सहित अन्य साज-सज्जा का समान बनने के लिए भी बांस का उपयोग किया जाता है।

21. कहते हैं कि कहीं-कहीं इसकी खाने योज्य प्रजातियों से अचार भी बनाया जाता है।

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