Haryana Rain Alert: पश्चिमी विक्षोभ के चलते आज हरियाणा के इन इलाकों में बरसात का अलर्ट, जानिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी

देश कई राज्यों में शीत लहर ने दस्तक दे रखी है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा सहित उत्तर पश्चिम भारत में शीत लहर की स्थिति जारी है। वहीं उत्तर पश्चिमी शीत हवाओं के चलने से हरियाणा राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में रात्रि तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
 
पश्चिमी विक्षोभ के चलते आज हरियाणा के  इन इलाकों में बरसात का अलर्ट


Haryana Rain Alert: देश कई राज्यों में शीत लहर ने दस्तक दे रखी है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा सहित उत्तर पश्चिम भारत में शीत लहर की स्थिति जारी है। वहीं उत्तर पश्चिमी शीत हवाओं के चलने से हरियाणा राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में रात्रि तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों से तेज ठंडी हवाएं चल रही है जिससे राज्य के उत्तर पश्चिम तथा दक्षिण क्षेत्र के ज्यादातर जिलों में पाला भी पड़ा। 

बीते दिन 18 जनवरी को भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़े अनुसार राज्य में सब से कम रात्रि तापमान -0.2 डिग्री सेल्सियस गुरुग्राम का रहा तथा बालसमंद जिला हिसार का रात्रि तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्विद्यालय की कृषि मौसम वेधशाला में न्यूनतम/ रात्रि तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस  दर्ज किया गया।


जानिए मौसम पूर्वानुमान  

हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 23 जनवरी तक आमतौर पर परिवर्तनशील रहने तथा बीच बीच में आंशिक बादल भी संभावित। इस दौरान  पूर्वी और दक्षिणी पूर्वी हवाएं चलने से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ने तथा रात्रि तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने की भी संभावना है। 

परंतु पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य में  आज 19 जनवरी को कहीं- कहीं आंशिक बादल तथा  20 जनवरी को ज्यादातर क्षेत्रों में बदलवाई तथा एक दो स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी भी संभावित। परंतु एक ओर पश्चिमी विक्षोभ जो 22 जनवरी को आने की संभावना है जिससे राज्य में 23 जनवरी से ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश की भी संभावना बन रही है।  

 जानें पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है

पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक तूफान है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अचानक सर्दियों में बारिश लाता है।  यह बरसात मानसून की बरसात से अलग होती है। आने वाले तूफान या कम दबाव वाले क्षेत्र भूमध्यसागरीय क्षेत्र, यूरोप के अन्य भागों और अटलांटिक महासागर में उत्पन्न होते हैं।