Viral News :मिनी India बना ब्रिटेन! 3 साल में बढ़ गए 273% भारतीय छात्र, ये हैं 4 बड़े कारण

Study in UK: महज 3 साल में ब्रिटेन में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ गई है. Indian Students को मिलने वाले UK Visa की संख्या 273% बढ़ गई है. इसका कारण क्या है?
 
 
Viral News :मिनी India बना ब्रिटेन! 3 साल में बढ़ गए 273% भारतीय छात्र, ये हैं 4 बड़े कारण

Viral News :ब्रिटेन में भारतीय लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर स्टूडेंट्स की. लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार Britain में विदेशी छात्रों के मामले में भारत पहले नंबर पर है. बीते सिर्फ 3 साल में यूनाइटेड किंगडम द्वारा इंडियन स्टूडेंट्स को मिलने वाले UK Visa की संख्या 273 फीसदी बढ़ गई है. ये आंकड़े यूके के गृह मंत्रालय ने जारी किए हैं. यूके वीजा की संख्या में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ ही India ने चीन को भी पछाड़ दिया है. ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिग्स (ONS) द्वारा जारी इमिग्रेशन के आंकड़ों से ये खुलासा हुआ है.


UK में जिस तरह से Indians की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ब्रिटेन मिनी इंडिया बन रहा है. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? इसके पीछे कारण क्या है? समझिए पूरा मामला.

भारत और China को UK ने कितने वीजा दिए?
यूके होम ऑफिस डाटा के अनुसार, ब्रिटेन ने भारतीय स्टूडेंट्स को सितंबर 2022 के अंत तक 1,27,731 स्टडी वीजा जारी किए. जबकि 2019 में भारतीयों को मिलने वाले UK Study Visa की संख्या महज 34,261 थी. यानी सीधा 273 फीसदी की बढ़ोतरी.

वहीं, अगर चीन की बात करें तो वह भारत के बाद दूसरे नंबर पर रहा. जबकि अब तक इस मामले में China नंबर 1 हुआ करता था. सितंबर 2022 के अंत तक चीनी स्टूडेंट्स को यूके ने 1,16,476 स्टडी वीजा दिए. 2019 में ये संख्या 1,19,231 थी. यानी 2 फीसदी की कमी आई.

UK में अचानक क्यों बढ़े Indian Students?
ओएनएस में सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन के डायरेक्टर जे लिंडॉप के मुताबिक, ‘जून 2022 तक बीते एक साल में दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने यूके में दूसरे देशों से पलायन को बढ़ावा दिया है.’ 4 बड़े कारण हैं-


कोविड 19 के प्रतिबंधों का हटना- कोरोना महामारी के मामले नियंत्रित होने के बाद जब ट्रैवल से प्रतिबंध हटे, तो बड़ी संख्या में लोग ब्रिटने आने लगे. इसमें सबसे ज्यादा संख्या उन छात्रों की थी जिन्होंने यूके की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन तो ले लिया था, लेकिन ट्रैवल बैन के कारण दूर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे. इनमें भारतीय छात्र बड़ी संख्या में थे.

रूस यूक्रेन वॉर- जब Russia और Ukraine में जंग शुरू हुई, तो सुरक्षा कारणों से लोग आसपास के देशों में पलायन करने लगे. खासकर यूक्रेन से. ऐसे में वहां पर पढ़ाई करने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स भी ब्रिटेन आए. जाहिर है कि यूक्रेन में भारतीय छात्र अच्छी खासी संख्या में हैं.

Brexit- ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से अलग होने यानी ब्रेग्जिट के बाद यूके में इमिग्रेशन को लेकर कई नियम बदले. इन्हें थोड़ा आसान भी बनाया गया. जैसे- जुलाई 2021 में न्यू ग्रेजुएट रूट वीजा शुरू किया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय छात्र ब्रिटेन में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ काम भी कर सकें. इसके लिए सबसे ज्यादा वीजा 41 फीसदी भारतीयों को दिया गया.

HPI वीजा- मई 2022 में ब्रिटेन स्पेशल हाई पोटेंशियल इंडिविडुअल वीजा लेकर आया. दुनियाभर की Top Universities से तेज तर्रार ग्रेजुएट्स को आकर्षित करने के लिए. ताकि वे यूके जाकर काम करें. इस कैटेगरी में भी 14 फीसदी वीजा भारतीयों को दिया गया, जबकि ब्रिटेन की टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटीज के क्राईटीरिया में एक भी भारतीय संस्थान नहीं आता है.

ओवरऑल ONS Data बताते हैं कि जून 2021 में जहां यूके में दूसरे देशों से पलायन करने वालों की संख्या 1.73 लाख थी, वह जून 2022 में बढ़कर 5.04 लाख हो गई. ब्रेग्जिट के बाद एक ही बार में 3.31 लाख की बढ़ोतरी दर्ज की गई.