Top ki flop: यह फिल्म बना कर बर्बाद हो गए थे बोनी कपूर, कर्ज चुकाने के लिए बेचना पड़ा सब कुछ

Roop Ki Rani Choron Ka raja: हिंदी फिल्मों के इतिहास में जब भी बड़े बजट की बुरी तरह फ्लॉप होने का वाली फिल्मों की लिस्ट बनती है तो अनिल कपूर-श्रीदेवी की रूप की रानी चोरों का राजा उसमें जरूर शामिल होती है. छह साल में तैयार हुई फिल्म ने बोनी कपूर को कर्ज में डुबो दिया था.

 
Top ki flop: यह फिल्म बना कर बर्बाद हो गए थे बोनी कपूर, कर्ज चुकाने के लिए बेचना पड़ा सब कुछ

Anil Kapoor Sridevi Film: बीती सदी के आखिरी दशक में निर्माता जब ज्यादा से ज्यादा दो-तीन करोड़ रुपये में फिल्म बना लेत थे, तब बोनी कपूर ने एक भव्य फिल्म प्लान की. नाम था, रूप की रानी चोरों का राजा. बजट था, 10 करोड़ रुपये. मेकिंग से रिलीज तक फिल्म के खूब चर्चे थे. मिस्टर इंडिया (1987) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की जोड़ी अनिल कपूर और श्रीदेवी इसमें थी. शेखर कपूर डायरेक्टर थे. जावेद अख्तर राइटर थे. जैकी श्रॉफ और अनुपम खेर तब फॉर्म में थे. कुल मिल माहौल यह था कि बड़े बजट की यह भव्य फिल्म बॉक्स ऑफिस को हिला डालेगी. मगर अप्रैल 1993 में इसकी रिलीज के साथ नतीजा उल्टा आया. रूप की रानी चोरों का राजा बुरी तरह पिटी. इसकी कड़ी आलोचना हुई क्योंकि फिल्म दर्शकों से कनेक्ट नहीं कर पाई. फिर इसकी वजहें भी सामने आने लगी.

अनिल कपूर समझ गए थे फ्लॉप होगी
उस वक्त देश की सबसे महंगी फिल्म सबसे बड़ी फ्लॉप साबित हुई. सबसे खास बात तो यह थी कि निर्देशक शेखर कपूर ने फिल्म बीच में छोड़ दी थी क्योंकि उन्हें विश्वास हो गया था कि स्क्रिप्ट में जान नहीं है. उनके असिस्टेंट सतीश कौशिक को बोनी कपूर ने निर्देशक बना दिया. कई लोग उन्हें प्रोजेक्ट रोकने की सलाह दे रहे थे. मगर वह इस फिल्म को लेकर जुनूनी हो चुके थे. अनिल कपूर ने भी फिल्म में लग रहे ढेर सारे पैसे के लिए दनादन फिल्में साइन की और इसमें पैसा लगाया. फिल्म तैयार हुई तो अनिल कपूर समझ चुके थे कि बुरा हाल होने वाला है. प्रीमियर पर अनिल कपूर ने सुभाई घई और अमिताभ बच्चन से कहा कि यह फ्लॉप है. मगर सुभाष घई ने उन्हें समझाया कि सब्र रखें क्योंकि बड़ी फिल्में अक्सर थोड़ी बाद में रफ्तार पकड़ती हैं. उन्होंने अपनी फिल्मों हीरो और कर्मा का उदाहरण दिया.

कौन-कौन जिम्मेदार
रूप की रानी चोरों का राजा फ्लॉप होने की कई वजहें थीं. सबसे बड़ी तो यही कि इसे अनिल कपूर-जैकी श्रॉफ की फिल्म जैसे प्रमोट किया गया था. दोनों की जोड़ी दर्शकों को तब खूब पसंद थी मगर जैकी यहां मेहमान कलाकार जैसे आए, तो दर्शकों ने इसे चीटिंग माना. जावेद अख्तर की कहानी-स्क्रिप्ट की भी आलोचना हुई. उन्होंने कहा था कि फिल्म नहीं चली, तो इसकी जिम्मेदारी मेरी होगी. अनिल कपूर ने भी खुद को फ्लॉप के लिए जिम्मेदार माना और कहा कि यह उनकी गलती है, जो इस कहानी को हां कहा और इसमें छह साल लगाए. फिल्म कई वजहों से आगे खिसकती गई और इसने बनने में लंबा समय तथा खूब सारा पैसा लिया. फिल्म के 25 साल पूरे होने पर 2018 में सतीश कौशिक ने बोनी कपूर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी कि उन्होंने बहुत खराब फिल्म बनाई थी. खैर, रूप की रानी चोरों का राजा में बोनी कपूर को जबर्दस्त नुकसान हुआ. फिल्म बनाते हुए वह कर्ज में डूब गए थे. फिल्म ने बोनी कपूर को दिवालिया कर दिया और उनके बैंक खाते खाली हो गए. कर्ज चुकाने के लिए उनकी पत्नी श्रीदेवी ने अपनी बहुत-सी संपत्ति बेची. हालांकि बोनी कपूर फिर उठ खड़े हुए और आज भी लगातार फिल्म निर्माण कर रहे हैं.