जो क्लासमेट उड़ाते थे मजाक, अब करते हैं फॉलो, लड़की ने 40 kg वजन घटा किया शॉकिंग ट्रांसफॉर्मेशन
40 किलो वजन घटाने के बाद निकोलेट हार्पर अब बहुत ज्यादा आत्मविश्वासी और अच्छा महसूस करती हैं. उन्होंने बताया कि जो लोग स्कूल टाइम में उनके वजन की वजह से उनका मजाक उड़ाते थे, वही लोग अब उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे हैं.
 
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40 किलो वजन घटाने के बाद निकोलेट हार्पर अब बहुत ज्यादा आत्मविश्वासी और अच्छा महसूस करती हैं. उन्होंने बताया कि जो लोग स्कूल टाइम में उनके वजन की वजह से उनका मजाक उड़ाते थे, वही लोग अब उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे हैं. निकोलेट हार्पर खुद एक फिटनेस कोच बन चुकी हैं और लोगों को वजन घटाने के लिए प्रेरित करती हैं।

फास्ट फूड की शौकीन लड़की ने कुछ ही महीनों में 40 किलो वजन घटाकर हर किसी को हैरान कर दिया. ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड की 26 साल की निकोलेट हार्पर का बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन देखकर उनका मजाक उड़ाने वाले लोग अब उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे हैं. निकोलेट हार्पर अपनी फास्ट फूड की लत को छोड़कर अपने आप को शेप में लेकर आई हैं.

निकोलेट हार्पर ने कहा कि इस ट्रांसफॉर्मेशन के बाद अब वो बहुत ज्यादा आत्मविश्वासी और अच्छा महसूस करती हैं. उन्होंने बताया कि फास्ट फूड की कन्वीनियंस की वजह से वो दिन में दो बार फास्ट फूड खाती थी. आमतौर पर सुबह की शुरुआत वो मैकडॉनल्ड्स के नाश्ते से करती थी और रात को अक्सर डॉमिनोज का पिज्जा खाती थीं. उनका वजन तब तक बढ़ता रहा जब तक वो 100 किलो की नहीं हो गईं और उन्होंने साइज 18 के कपड़े पहनने शुरू कर दिए.

वजन की वजह से लोग उड़ाते थे मजाक

निकोलेट ने अपने वजन की वजह से लोगों के खूब ताने भी झेले हैं. वो कहती हैं, ''मैं अपनी क्लास में सबसे बड़ी दिखती थी. मैं उस वक्त भी काफी वजनी थी. मुझे स्पोर्ट्स क्लास और कसरत से जुड़ी किसी भी एक्टिविटी में कोई इंटरेस्ट नहीं था. क्लास में लड़कों का एक ग्रुप मेरे वजन की वजह से मुझे दरियाई घोड़ा और ना जाने किन-किन नामों से बुलाता था. ये काफी फनी है लेकिन जो लोग स्कूल टाइम में मेरे वजन की वजह से मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे वो अब मुझे सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे हैं. मुझे नहीं पता कि मैं क्यों ओवरवेट हो गई थी क्योंकि मेरे परिवार के सभी लोग हेल्दी खाते थे और मेरी तरह कोई नहीं था.''

निकोलेट फिलहाल प्रेग्नेंट हैं. वो कहती हैं, ''वास्तव में मुझे घर पर कुछ भी बाहर का खाने की इजाजत नहीं थी लेकिन जब मैं बाहर जाती थी तो मैं जमकर मैकडॉनल्ड का आनंद उठाती थी. मुझे फास्ट फूड खाने की लत इसलिए और पड़ गई क्योंकि ये हेल्दी फूड के मुकाबले सस्ता था. 15 डॉलर के सलाद के मुकाबले पिज्जा सिर्फ पांच डॉलर में मिल जाता था तो इसलिए मैं इसे ही खाती थी.''

वेट लॉस जर्नी में कई मुश्किलें आईं

निकोलेट ने बताया कि जब उनका वजन उनके रोजमर्रा के कामों और उनकी सोच को प्रभावित करने लगा तो उन्होंने ठान लिया कि अब उन्हें खुद को बदलना है. इस दौरान उन्होंने काफी मुश्किलें भी हुईं. खुद पर काबू करने की कोशिश के दौरान उन्हें बिंज डिसॉर्डर भी होने लगा था जिसमें अक्सर इंसान बहुत ज्यादा खाने लगता है और खुद को रोक नहीं पाता.

लोगों के लिए बन गईं प्रेरणा

निकोलेट ने बताया कि वेट लॉस जर्नी के दौरान उन्होंने कई गलतियां कीं जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि फिटनेस प्रोफेशनल की मदद के बाद वो ठीक हो गईं. अब वो काफी हेल्दी फूड खाती हैं. अब वो खुद पर किसी भी तरह का कंट्रोल नहीं करती हैं और सभी प्रकार के भोजन का मजा लेती हैं. हालांकि वो इस बात का ध्यान रखती हैं कि वो 24 घंटे में तीन बार हेल्दी फूड मील और हेल्दी स्नैक खाएं.

निकोलेट अब पहले से बेहतर महसूस कर रही हैं और उन्होंने अपने करियर में अपने संघर्षों और अनुभवों का इस्तेमाल किया है. वो अब बतौर पर्सनल ट्रेनर काम करती हैं और लोगों को वजन घटाने की ऑनलाइन क्लासेस देती हैं ताकि उनकी तरह बाकी लोग भी अपनी जिंदगी बदल सकें.