एक रात वाली शादी: सुहागरात में परिवार को बेहोश कर लूट ले जाते थे माल, अलीगढ़ में था अगला टारगेट, आठ गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकारा कि वे शादी के विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को फंसाते थे। जो शादी को तैयार होता था, उसे चार महिलाओं के फोटो भेजते। रिश्ता पसंद होने पर शादी करा दी जाती थी। इस एवज में 50 हजार से एक लाख रुपये तक लिए जाते थे। 

 
सुहागरात में परिवार को बेहोश कर लूट ले जाते थे माल, अलीगढ़ में था अगला टारगेट, आठ गिरफ्तार

झारखंड से लाई गई महिलाओं से शादी कराने वाला गैंग लूटमार कर रहा था। अतरौली के व्यक्ति की शिकायत पर मंगलवार को पकड़े गए गैंग से यह खुलासा हुआ है। फर्जी शादी का नाटक कर गैंग की महिला जिस घर में जाती थी, उस घर में सुहागरात की रात परिवार को नशीली दवा से बेहोश कर माल लूटकर ले आती और फिर ये लोग शहर छोड़कर लापता हो जाते। हाल ही में इन्होंने मुजफ्फरनगर में ऐसी एक वारदात स्वीकारी है और अतरौली के व्यक्ति के साथ भी यही वारदात होनी थी, मगर उससे पहले गैंग पकड़ा गया। सभी आठ लोगों को बुधवार को जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत के अनुसार अतरौली के राजेश ने यह आरोप लगाया था कि पहली पत्नी की मौत के बाद वह दूसरी शादी के फेर में इस गैंग के संपर्क में आया। इस गैंग ने उसे पहले झारखंड बुलाया और वहां ढाई लाख रुपये छीनकर उसे पीटकर भगा दिया। इसके बाद भी वह बदले के इरादे से इस गैंग के संपर्क में रहा और झांसा देकर सभी को यहां बुला लिया। मंगलवार को गैंग को गांधीपार्क पुलिस की मदद से पकड़ लिया गया। जिनमें फूलवती र्टिकी निवासी सुगडा थाना सिमडेगा झारखंड, उर्मिला देवी निवासी कोठी थाना जाडी गुमला, शांति देवी निवासी लोहरदगा, नफीसा बेबी निवासी सुरंदा बानटोली थाना भांड्रा लोहरदगा, झारखंड, रहीम अंसारी, कलाम खान हाल निवासी राइट लोधा मूल निवासी झारखंड, सईद अंसारी निवासी जीतलीद थाना पैये लोहरदगा झारखंड, लक्ष्मण लोहरा निवासी पौहाहा थाना भाद्रा जिला लोहरदगा शामिल हैं।

शुरुआती पुलिस पूछताछ में गिरोह गुमराह करता रहा। मगर रात में सख्ती पर यह लोग टूट गए। उन्होंने स्वीकारा कि वे शादी के विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को फंसाते थे। जो शादी को तैयार होता था, उसे चार महिलाओं के फोटो भेजते। रिश्ता पसंद होने पर शादी करा दी जाती थी। इस एवज में 50 हजार से एक लाख रुपये तक लिए जाते थे। आपस में ही यह लोग माता-पिता, भाई-बहन का रिश्ता बताते थे। साथ में खुद के पास फर्जी आधार कार्ड रखते। उन्हीं नाम से अपना परिचय देते। इनमें कमाल के पास से राहुल के नाम से एक आधार कार्ड भी मिला है। शादी के बाद महिला जिस घर में दुल्हन बनकर जाती। वहां सुहागरात की रात परिवार को नशीली दवा के जरिये बेहोश कर माल लूटकर लापता हो जाती। बुधवार को इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि राजेश 8 मार्च को इनके पास झारखंड गया था, जहां उसके साथ यह घटना हुई थी।

इसमें गैर समुदाय के व्यक्ति पर फर्जी आधार कार्ड मिलना व दूसरे प्रांत की युवतियों को यहां लाना दर्शाता है कि ये महिलाओं को बेचने का काम करते थे। मगर पुलिस ने इसे लूट व ठगी मानकर कार्रवाई की है। इसमें गंभीरता से जांच हो तो बड़ी साजिश उजागर होगी। इस मामले में शासन स्तर पर अवगत कराया जाएगा। -अमित गोस्वामी उपाध्यक्ष भाजयुमो

निश्चित रूप से यह लोग गिरोह के माध्यम से हिंदू लड़कियों को टारगेट कर अन्य जगहों पर बेचने का काम करते हैं। इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। ताकि सच्चाई उजागर हो। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष विषय रखा जाएगा।