मेरी कहानी: तलाक होने के बाद भी मैंने अपने पति के साथ संबंध बनाए, समझ नहीं आ रहा इसे कैसे रोकूं

इस बात में कोई दोराय नहीं कि वैवाहिक संबंधों को भविष्य की आशा पर बांधा जाता है। लेकिन कभी-कभार एडजस्ट न कर पाने की वजह से शादी जैसे नाजुक बंधन की डोर बीच में ही छूट जाती है। इस महिला की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसने तैश में आकर अपने पति को तलाक तो दे दिया लेकिन वह अभी भी उसके टच में है।

 
तलाक होने के बाद भी मैंने अपने पति के साथ संबंध बनाए, समझ नहीं आ रहा इसे कैसे रोकूं

सवाल: मैं 38 साल की एक तलाकशुदा महिला हूं। 28 साल की उम्र में मेरी अरेंज मैरिज हुई थी। मैं अपने पति के साथ काफी खुश थी, लेकिन छह साल की कोशिश के बाद जब हमें बच्चा नहीं हुआ तो हमारी शादी खराब होने लगी। हालांकि, मेरे और मेरे पति के बीच बच्चा न हो पाने की वजह से कोई बड़ी समस्या नहीं थी लेकिन इस बीच उनके परिवार की दखलंदाजी हद से ज्यादा बढ़ गई थी। मैं हमेशा ही एक स्वतंत्र और मजबूत ख्यालों वाली महिला रही हूं। ऐसे में जब ससुराल वाले हमारे निजी मामलों में दखल देने लगे तो मुझे बहुत दुख हुआ।

मेरे पति ने अपने पैरेंट्स के साथ हमारी निजी जिंदगी से लेकर मेडिकल संबंधी सहित हर विषय पर चर्चा करना शुरू कर दिया था। उसके घरवाले मुझे बात-बात पर ताना मारने लगे। दुर्भाग्य से, मेरे पति ने अपने माता-पिता के दबाव में यह सब बेबस होकर देखते रहे। इस दौरान हम दोनों के बीच झगड़े भी बढ़ने लगे। स्थिति बद से बदतर होती चली गई, जिसकी कीमत हमें अपनी शादी तोड़कर चुकानी पड़ी। हम दोनों को तलाक लिए दो साल हो गए हैं। हम दोनों ही अलग-अलग जीवन जी रहे हैं। मैं काफी खुश हूं लेकिन दिक्कत यह है कि मेरे पूर्व पति अभी भी मेरे संपर्क में हैं।

वह मुझसे आए दिन मिलने आते रहते हैं। उनका कहना है कि वह चैन से नहीं सो पा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने मेरे साथ बहुत गलत किया है। उनकी बातों को सुनकर एक बार हम दोनों इतने भावुक हो गए कि हम एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए।

मुझे नहीं पता कि यह रिश्ता किस तरफ जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि मैं अब उसकी पत्नी हूं। मुझे इस बात की चिंता है कि उसे मेरी जरूरत है। मैं उन्हें यूं ही नहीं छोड़ सकती क्योंकि वह कमजोर है। मुझे नहीं पता क्या करना है? इन सबको मैं कैसे रोक सकती हूं? (सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं, हम यूजर्स द्वारा शेयर की गई स्टोरी में उनकी पहचान गुप्त रखते हैं)

एक्सपर्ट का जवाब

फोर्टिस हेल्थकेयर में मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार विज्ञान विभाग की प्रमुख कामना छिब्बरकहती हैं कि मैं समझ सकती हूं कि जिस स्थिति में आप हैं, उसकी वजह से आपके मन में क्या-क्या चल रहा होगा। सबसे पहले मैं आपको यह सलाह देना चाहूंगी कि आप इस बात का फैसला करें कि आप अपने जीवन क्या चाहती हैं। इस निर्णय के आधार पर ही आपको फैसला लेना होगा कि आप अपने पूर्व पति के साथ किस तरह का रिश्ता अपनाना चाहेंगी।

हां, इस दौरान एक बात का ध्यान रखें कि आप भी जिस निष्कर्ष पर पहुंच रही हैं, उसमें आपके पिछले अनुभव भी शामिल हों। ऐसा इसलिए क्योंकि तभी आप अपना अच्छा-बुरा समझ पाएंगी।

तलाक के बाद कोई मोल नहीं

आप इस बात को अच्छे से समझती हैं कि तलाक के बाद इस रिश्ते का कोई मोल नहीं है।हालांकि, आप अपने पूर्व पति के लिए जो सहानुभूति महसूस कर रही हैं, वह भी गलत नहीं है। आप उन्हें लेकर असुरक्षित है, जिसकी वजह से भी आप सबसे ज्यादा परेशान है। ऐसे में सबसे अच्छा यह है कि आप अपनी समस्याओं को सुलझाने में अपने परिवार की मदद लें।

आप चाहें तो अपने किसी अच्छे दोस्त से भी बात कर सकती हैं। हालांकि, इस दौरान अपने एक्स हसबैंड को भी इन सबसे में शामिल करें। उनसे पूछें कि वह आपसे किस तरह की मदद की आशा करते हैं।

पछतावा बहुतों के लिए सबक

तलाक बुरी चीज नहीं है। लेकिन अलग होने जैसा बड़ा फैसला सोच समझकर ही किया जाए तो ही अच्छा होता है। अपने पति को तलाक देने के दो साल बाद भी आप उनकी यादों में हैं। आप जितना ज्यादा सोचती हैं, उतना ही आपको महसूस होता है कि आपका पूर्व पति एक अच्छा आदमी था।

आपके पति का भी यही हाल है। ऐसे में मैं यही कहूंगी कि आप दोनों को एक-दूसरे से बात करनी चाहिए। आप उन्हें बताएं कि आप दोनों का तलाक हो चुका है। अगर वह चाहते हैं कि आप उनके साथ रहें, तो यह सब उन्हें अपने पैरेंट्स के साथ भी डिसकस करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि छिप-छिपकर मिलने से कल दूसरी मुसीबत गले पड़ सकती है।