Maharashtra: 68 की उम्र में बना दूल्हा, शादी में बाराती बनकर नाचे बेटा, बेटी और दामाद

Maharashtra News: महाराष्ट्र के अकोला में ऐसी अनोखी शादी हुई, जिसमें दूल्हा-दुल्हन के बेटे-बेटियां, बहुएं, दामाद और पोता-पोती भी शामिल हुए. इस आयोजन में दोनों पक्षों के तमाम लोग शामिल हुए. परिवार के लोगों ने बाराती बनकर आयोजन में जमकर डांस किया.

 
Maharashtra: 68 की उम्र में बना दूल्हा, शादी में बाराती बनकर नाचे बेटा, बेटी और दामाद

Maharashtra News: महाराष्ट्र के अकोला में ऐसी अनोखी शादी हुई, जिसमें दूल्हा दुल्हन के बेटे, बेटियां, बहुएं, दामाद, नाती, पोती भी शामिल हुए. सभी इस शादी समारोह में जमकर नाचे. यह शादी चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, यहां के पूर्व राज्य मंत्री और उनकी पत्नी की शादी की 41वीं सालगिरह थी. इस मौके पर उनके बेटे ने पूरी शादी समारोह जैसी व्यवस्थाएं कीं. समारोह में तमाम लोग भी शामिल हुए.

Maharashtra: 68 साल की उम्र में बने दूल्हा, शादी में बाराती बनकर नाचे बेटा, बेटी-दामाद और नाती

जानकारी के अनुसार, अकोला के पूर्व राज्य मंत्री गुलाबराव गावंडे और उनकी पत्नी आशा ताई की शादी की 41वीं सालगिरह थी. इस Ocassion को यादगार बनाने के लिए गुलाबराव के बड़े बेटे संग्राम गावंडे ने कुछ अलग हटकर तैयारी की. बेटे ने अपने माता-पिता की दोबारा शादी करवाई.

Maharashtra: 68 साल की उम्र में बने दूल्हा, शादी में बाराती बनकर नाचे बेटा, बेटी-दामाद और नाती

इस शादी से पहले दोनों की हल्दी व मेहंदी की रस्म पूरी हुई. यह रस्म उनके बेटे, बेटियों, दामाद, बहू और पोते-पोतियों ने कराई. इसके बाद दूल्हा गुलाबराव गावंडे घोड़े पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने के लिए पहुंचे. बता दें कि दूल्हा गुलाबराव 68 साल के हैं, जबकि उनकी पत्नी यानी दुल्हन 58 साल की हैं.

इस अनोखे आयोजन को लेकर गावंडे परिवार के बड़े बेटे संग्राम ने कहा कि जब मैं छोटा था, तब माता-पिता की शादी के फोटो देखता था. एक बार उनसे कहा कि मुझे आप अपनी शादी में क्यों नहीं ले गए. इसी को लेकर सोचा कि उनकी शादी की सालगिरह पर इस तरह का आयोजन रखा जाए. संग्राम ने कहा कि मैं बेहद खुश हूं कि मेरे सभी रिश्तेदार, मेरे दोस्त इस आयोजन में शामिल हुए.

Maharashtra: 68 साल की उम्र में बने दूल्हा, शादी में बाराती बनकर नाचे बेटा, बेटी-दामाद और नाती

पूर्व राज्यमंत्री गुलाबराव गावंडे ने कहा कि मेरे बेटे ने इस आयोजन के माध्यम से समाज को माता-पिता से प्रेम और सेवा का एहसास भी दिलाया है. मेरे बेटे ने आज हमारी सालगिरह पर शादी जैसा आयोजन किया है, इससे मैं बेहद खुश हूं. वहीं इस आयोजन में शामिल माधुरी भिलकर ने कहा कि इस अनोखे आयोजन में आए लोगों को नई प्रेरणा मिली है. हम बेहद खुश हैं, क्योंकि पूरा आयोजन एक शादी की तरह किया गया.