America पर आंख मूंदकर भरोसा न करे भारत', जानें पूर्व सेना प्रमुख ने सरकार को सतर्क रहने को क्यों कहा

पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने भारत से अमेरिका के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक मामलों पर अमेरिका के साथ व्यवहार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि अमेरिका अब तक अपने करीबी सहयोगियों के प्रति विश्वसनीयता साबित नहीं कर पाया है।
 
 
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America : भारत को अमेरिका पर किसी भी मामले में आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए, यहा कहना है पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह का। पूर्व सेना प्रमुख ने इसी के साथ सरकार से अमेरिका के प्रति सतर्क रहने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि रणनीतिक मामलों पर अमेरिका के साथ व्यवहार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका अब तक अपने करीबी सहयोगियों के प्रति विश्वसनीयता साबित नहीं कर पाया है।


संबंधों में सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह 

24वें सेना प्रमुख रह चुके बिक्रम सिंह ने कहा कि भारत ने क्वाड ग्रुपिंग का सदस्य होने के बावजूद, अमेरिका से अपने संबंधों को बेहतर और गहरा किया है। उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि इसके बावजूद सरकार संबंध स्थापित करने में सावधानी से आगे बढ़े।

अभी तक खुद को भरोसेमंद नहीं बना सका है अमेरिका
क्वाड का जिक्र करते हुए बिक्रम सिंह ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया क्वाड में शामिल हैं। हालांकि यह अच्छा है कि हम क्वाड का हिस्सा हैं (इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के लिए इस ग्रुप को एक काउंटरवेट के रूप में देखा जाता है), लेकिन यह हमारे हित में होगा कि हम अमेरिका के साथ सावधानी से आगे बढ़ें, क्योंकि वाशिंगटन ने कभी भी अपने व्यवहार में खुद को भरोसेमंद नहीं बनाया है।


रणनीतिक हो या रक्षा समझौता, सतर्क रहें
एसबीआई बैंकिंग और आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिक्रम सिंह ने कहा कि रणनीतिक और रक्षा सहयोग स्थापित करते वक्त वाशिंगटन के साथ सतर्क दृष्टिकोण अपनाना होगा। सिंह ने कहा, 'अमेरिका ने पहले वियतनाम से पल्ला झाड़ा, फिर दो बार से इराक और हाल ही में अफगानिस्तान से। हमें अमेरिका से निपटने में बहुत सतर्क रहना चाहिए।" बिक्रम सिंह ने आगे कहा कि अमेरिका अपने सभी बाहरी सैन्य हस्तक्षेपों में विफल रहा है और इसका एक मुख्य कारण यह था कि वाशिंगटन अपना काम दूसरों को आउटसोर्स कर रहा है।