Gangster Goldy Brar: गैंगस्टर गोल्डी बराड़ भगोड़ा घोषित, ट्रांसपोर्टर से मांगी थी 1 करोड़ की रंगदारी, चंडीगढ़ जिला अदालत का आदेश
चंडीगढ़ पुलिस ने ट्रांसपोर्टर से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित कर दिया है। वहीं पुलिस ने वसूली करने वाले गुर्गे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
 
 
Gangster Goldy Brar:

Gangster Goldy Brar:  गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को चंडीगढ़ के एक ट्रांसपोर्टर से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में जिला अदालत ने बुधवार को भगोड़ा घोषित कर दिया है। जबकि, ट्रांसपोर्टर से 7 लाख रुपये तक की वसूली करने वाले गिरफ्तार गुर्गा मंजीत के खिलाफ आरोप तय कर दिए है। आरोपित किशनगढ़ के रहने वाले 27 वर्षीय मंजीत उर्फ सोनू के खिलाफ आइपीसी की धारा 387, 12बी और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। अब इस मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।

मंजीत से मिले थे मोबाइल, सिम, पिस्टल और तीन लाख
22 जनवरी 2021 को वाट्सएप काल के जरिए गैंगस्टर संपत नेहरा के करीबी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सेक्टर-32 के ट्रांसपोर्टर अंग्रेज सिंह विर्क से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। बाद में 25 लाख में बात बन गई। इसके बाद विर्क ने संपत के गुर्गे को 7 लाख रुपये दे दिए लेकिन उन्हें फोन आते रहे। परेशान होकर वह पुलिस के पास पहुंच गए। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने गुर्गे को दबोच लिया था।

आरोपित की पहचान किशनगढ़ निवासी मंजीत सिंह उर्फ सोनू (27) के रूप में हुई है। आरोपित से पुलिस ने तीन लाख रुपये, एक पिस्टल, चार कारतूस, 11 सिम और दो मोबाइल बरामद किए थे। पुलिस रिमांड में सामने आया था कि मंजीत आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के नंबर संपत नेहरा को देता था। संपत इन नंबरों को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को देकर रंगदारी मंगवाता था। आपरेशन सेल के प्रभारी अमनजोत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मंजीत को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। आरोपित मंजीत सिंह गैंगस्टर संपत नेहरा के साथ दौड़ का अभ्यास करता था और दोनों ने एक साथ चंडीगढ़ पुलिस की भर्ती भी दी थी।


गोल्डी बराड़ बोल रहा हूं...एक करोड़ रुपये रंगदारी चाहिए
सेक्टर-32 निवासी अंग्रेज सिंह विर्क ने बताया कि पंचकूला सेक्टर-20 में उनका ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। उन्हें 22 जनवरी 2021 की शाम को वाट्सएप पर इंटरनेशनल नंबर से काल आई। काल करने वाले ने कहा कि हेलो मैं गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बोल रहा है, तुमसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी चाहिए। दो तीन दिन तक विर्क ने खुद के व्यस्त होने की बात कहकर मामला टाल दिया।


27 जनवरी को दोबारा इंटरनेशनल नंबर से काल कर आरोपित ने कहा कि रुपये दे रहा है या नहीं, या लड़के भेजकर गोली मरवा दूं। इस पर विर्क ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। इस पर काल करने वाले ने बताया कि उसे सब पता है। तेरा मोहाली में घर और मर्सिडीज गाड़ी है। तेरे बच्चे कहां खेलते हैं, यह भी पता है। बच्चे उठवा लिए तो तू एक करोड़ क्या डेढ़ करोड़ भी देगा। बाद में विर्क 5 लाख रुपये देने को तैयार हो गए। इस पर काल करने वाले ने कहा कि मैं आखिरी बार बोल रहा हूं 25 लाख दे दे। 10 अभी और 15 लाख के लिए हफ्ते बाद काल करूंगा।


7 लाख मिलने के बाद धमकाया तो पुलिस में दी शिकायत
28 जनवरी शाम मंजीत ने ट्रांसपोर्टर अंग्रेज सिंह को काल कहा कि उसे गोल्डी बराड़ के फोन काल के बारे में पता है। इसके बाद मंजीत और विर्क की मुलाकात उनके एक दोस्त के दफ्तर में मंजीत से हुई। मंजीत ने कहा कि उसे 18 जनवरी को ही पता था कि उनके पास फोन आने वाला है। उसे संपत नेहरा ने काल कर कहा कि तुमसे बात करने को कहा है।

मंजीत बोला तुमने उन्हें 25 लाख के लिए सहमति भरी है तो अब पैसे तो देने पड़ेंगे। मंजीत ने संपत से कहा विर्क के पास 15 लाख रुपये नहीं हैं, 10 लाख रुपये ले लो। इसके बाद विर्क ने तीन लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए और चार लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद चार फरवरी को मंजीत ने विर्क के सामने गोल्डी बराड़ को वीडियो काल की। गोल्डी ने कहा 7 लाख रुपये आ गए हैं, बाकी पैसों का इंतजाम करो। इसके बाद विर्क के पास गोल्डी की काल और मैसेज आने पर पुलिस में शिकायत दे दी।