Chanakya Niti: पुरुषों को 'गुप्त' रखनी चाहिए ये बातें, गलती से भी किसी के सामने न करें जिक्र, नहीं तों हो जाएंगे बर्बाद
 पुरुष दिन-रात मेहनत करके अपने और परिवार के लिए धन इकट्ठा करते हैं लेकिन अक्सर अपनी बेवकूफियों की वजह से उसे खो भी देते हैं. कई बार तो पुरुष अपनी गंदी आदतों दारू-जुआं की वजह से भी अपना धन नष्ट कर देते हैं. चाणक्य नीति के मुताबिक, धन पुरूष की ताकत होता है. धन के नष्ट होते ही पुरुषों का समाज में सम्मान खत्म होने लगता है. इसलिए धन को सदैव गुप्त रखना चाहिए. 
 
 चाणक्य

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य का नाम आते ही लोगों के मन में उनके द्वारा रचित तमाम तरह की नीतियों का उल्लेख आने लगता है. ये वहीं नीतियां है, जिन्होंने आचार्य चाणक्य को भारत ही नहीं, पूरे विश्व में प्रसिद्ध कर दिया है. आचार्य चाणक्य ने मनुष्य जीवन को आसान और खुशहाल बनाने के लिए कुछ बातों का जिक्र किया है, जिन्हें अपना कर लोग अपनी निजी जिंदगी में खुश रह सकते हैं.

भारत के महान अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य की नीतियां कई मनुष्यों को कठिनाइयों से निकलने का भी संबल देती हैं. मानव आधारित इन नीतियों को अपनाकर तरक्की और सम्मान की सीढ़ियां चढ़ी जा सकती हैं. अक्सर आपने देखा होगा कि दुख में पड़े पुरुष से अगर कोई जरा प्यार से उसकी परेशानी पूछे तो वह तुरंत उसके सामने सबकुछ बोल देता है. इससे उसकी परेशानियां कम होने के बजाय फिर से बढ़ जाती हैं.

क्या आप जानते हैं कि चाणक्य नीति में पुरुषों के लिए कुछ ऐसी बातों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें आजीवन उन्हें गुप्त रखना चाहिए. ये बातें पुरुष को कभी किसी के भी सामने नहीं कहना चाहिए. जानबूझकर तो दूर की बात, अनजाने में भी अगर पुरुषों की ये बातें किसी के सामने खुल जाएं तो उनके लिए मुसीबतें जन्म लेने लगती हैं. ये गुप्त बातें उनकी खुशियों की चाभी होती हैं, जो उसे दूसरों के हाथ में कभी नहीं देनी चाहिए.

चलिए आपको बताते हैं कि चाणक्य नीति में पुरुषों से किन बातों को गुप्त रखने की बात कही गई है- 

पत्नी की बुराई को रखें गुप्त
अक्सर आपने देखा होगा कि आजकल के पुरुष अपनी पत्नी से जरा सी बात पर नाराज हो जाते हैं और वह इसका ढिंढोरा न केवल परिजनों में बल्कि दोस्तों से भी मुंह फाड़ कर देते हैं. यह उनके पतन का पहला कदम होता है. इसलिए पत्नी के चरित्र, व्यवहार और अन्य तरह की चीजों की बातों का जिक्र दूसरों से कभी नहीं करना चाहिए. पत्नी से जुड़ी हर बात को गुप्त रखना चाहिए. वह घर की लक्ष्मी होती है.

अपने अपमान को रखें गुप्त
हर पुरुष के जीवन में कभी न कभी, कोई न कोई ऐसा दिन या घटना जरूर घटित होती है, जब उसे अपमान का मुख देखना पड़ता है. वह इसके साथ शांति से जी सकता है लेकिन कई बार अपनी मूर्खता के कारण वह किसी न किसी से इस अपमान का जिक्र कर देता है. आचार्य चाणक्य ने ऐसे पुरुषों को महामूर्ख कहा है. उनकी नीति के मुताबिक, पुरुषों को अपने अपमान की बात सदैव गुप्त रखनी चाहिए. दूसरों को पता चल जाए तो वह मजाक उड़ाने लगते हैं.

दुख का न करें कभी जिक्र
हर इंसान के अंदर किसी न किसी बात की कसक जरूर होती है. फिर वह चाहे उसकी नौकरी से जुड़ी हो या परिवार से. कई बार वह अंदर से बीमार भी होता है. ऐसे में चाणक्य नीति में साफ-साफ कहा गया है कि कभी भी पुरुषों को अपना दुख दूसरों से नहीं कहना चाहिए. दुख खासकर पुरुषों को हमेशा गुप्त ही रखना चाहिए.

धम होता है पुरुषों की ताकत
पुरुष दिन-रात मेहनत करके अपने और परिवार के लिए धन इकट्ठा करते हैं लेकिन अक्सर अपनी बेवकूफियों की वजह से उसे खो भी देते हैं. कई बार तो पुरुष अपनी गंदी आदतों दारू-जुआं की वजह से भी अपना धन नष्ट कर देते हैं. चाणक्य नीति के मुताबिक, धन पुरूष की ताकत होता है. धन के नष्ट होते ही पुरुषों का समाज में सम्मान खत्म होने लगता है. इसलिए धन को सदैव गुप्त रखना चाहिए.