ब्रांड कपड़ों के नाम पर आपके साथ तो नहीं हो रही ठगी, देखें कैसे नकली ब्रांड को बना रहे असली

भारत में जुगाड़ो की कमी नहीं है, वहीं आप भी कपडो को ब्रांड समझ कर कम दामों में लेकर आते है, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए।
 
ब्रांड कपड़ों के नाम पर आपके साथ तो नहीं हो रही ठगी, देखें कैसे नकली ब्रांड को बना रहे असली

भारत में जुगाड़ो की कमी नहीं है, वहीं आप भी कपडो को ब्रांड समझ कर कम दामों में लेकर आते है, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। देश में ब्रांड के नाम पर लोगों को बाजारों में चुना लगाया जा रहा है, और से सब पूरी तेजी से फैल रहा है। 

एक रिपोर्ट में सामने आया की बाजार में दैनिक इस्तेमाल में होने वाली वस्तु 20 से 30 प्रतिशत तक जाली समान के रुप में बेची जा रही है। इसमें दवा, वाहन एवं टिकाऊ, रोजमर्रा जिदंगी में उपयोग होने वाली नकली वस्तु की भरमार देखी जा रही है।
जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कपडे के क्षेत्र में करीब 31 प्रतिशत उत्पाद को ब्रांड के रुप में बेचा जा रहा हैं। बता दें कि रोजमर्रा जिंदगी में उपयोग के उत्पादों के मामले में यह अनुपात 28 प्रतिशत है।

खेत क्षेत्र में भी नकली दवाई

बता दें कि खेत में उपयोग होने वाली कीटनाशकों दवाई के नाम पर 16 प्रतिशत उत्पाद नकली दिये जा रहे है। और आपको जानकर हैरानी होगी इसमें 27 प्रतिशत खरीदारों को यह पता भी नहीं चल जाता की वो नकली उत्पाद खरीद रहे हैं।

ब्रांड और सामान्य उत्पाद में तेजी से बढ रहा आकडा

निदेशक सुरेश कृष्णमूर्ति ने रिपोर्ट के बताया कि नकली उत्पाद सिर्फ ब्रांड उत्पादों में ही नहीं फिलहाल सामान्य उत्पादों में भी तेजी से फैल रहा है। बताया जा रहा है, कि सबसे अधिक नकली समान आज कल ई-कॉमर्स के जरिये बेचा जा रहा है। ब्रांड की चाहत में लोग आसानी से नकली समान को कम रेट में खरीद लेते है। लेकिन इसका ज्यादा दिन उपयोग नहीं होने के कारण बाद में लोग ठगा हुआ महसूस करते है।