Rohtak News: रोहतक PGIMS में गुरुवार को OPD और ऑपरेशन थिएटर रहेंगे बंद, MBBS छात्रों का प्रदर्शन है कारण

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने एमबीबीएस स्टूडेंट के समर्थन में यह फैसला लिया है, जिसमें 48 घंटे बाद ओपीडी सेवाएं भी बंद करने का फैसला लिया गया है. इसमें PGIMS रोहतक में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो जाएंगी.
 
Rohtak News: रोहतक PGIMS में गुरुवार को OPD और ऑपरेशन थिएटर रहेंगे बंद, MBBS छात्रों का प्रदर्शन है कारण

Rohtak News: हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित पीजीआई की ओपीडी सेवाएं और वार्ड, इलेक्टिव ओटी बंद अब अनिश्चित काल के लिए बंद रहेगी. इसके बाद ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ेगा. वहीं,रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने एमबीबीएस छात्रों के समर्थन में ये फैसला लिया है.दरअसल, रोहतक के प्रदर्शनकारी छात्रों ने फैसला किया है कि वे 24 नवंबर, 2022 को दोपहर 12 बजे के बाद आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) सेवाएं वापस ले लेंगे. गौरतलब है कि डॉक्टर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.


दरअसल, रोहतक पीजीआई में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो जाएंगी.वहीं, संस्थान के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 22 नवंबर को लिखे एक पत्र में कहा था कि प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकों के बाद छात्रों को अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है.हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कहा कि प्रदेश सरकार ने एमबीबीएस छात्रों पर जो बांड पॉलिसी लागू की है वह सरासर गलत है. इसका सीधा असर छात्रों और डॉक्टरों को ही नहीं बल्कि इलाज कराने आ रही आम जन लोगों को भी पड़ेगा.

मांग पूरी न होने तक OPD रहेगा बंद
इस मामले में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने अनिश्चितकाल के लिए ओपीडी सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है. ऐसे में जब तक एमबीबीएस छात्रों की मांग पूरी नहीं होगी. तब तक ओपीडी सेवाएं आमजन के लिए बंद रहेंगी. इसके लिए एसोसिएशन की मांग है कि प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द छात्रों की मांगों को पूरा किया जाए.

वहीं, एसोसिएशन ने बताया कि एमबीबीएस छात्रों पर लागू की गई बाँड पॉलिसी को वापस ले. अगर, अल्टीमेटम देने के एक हफ्तें बाद भी प्रदेश सरकार ने कोई पॉजिटिव कदम नहीं उठाएं है. इसके कारण ओपीडी सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया है.


एसोसिएशन ने सरकार को दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम
बता दें कि डॉक्टरों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था.इसके बाद, उन्होंने 19 नवंबर को अपनी ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं और सरकार की बांड नीति के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा. वहीं, बांड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठे मेडिकल छात्रों ने फैसला लिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक क्लास भी नहीं लगाएंगे.