Modi Cabinet Update: मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज, इन मंत्रियों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी, जानें क्या हैं इस बदलाव के कारण

 
इन मंत्रियों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

Modi Cabinet Update: केंद्र सरकार के मंत्रालयों में इन दिनों बड़ा फेरबदल होने की आशंका है। पार्टी मुख्यालय से पीएमओ तक सभी उच्च स्तरीय बैठकों का दौर मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल का संकेत दे रहा है। ऐसे में अगर ये फेरबदल होता है तो यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पुनर्गठन होगा।
2024 के लोकसभा चुनाव पर निशाना 

यही टीम इस साल 10 राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का मोर्चा भी संभालेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान और अनुराग ठाकुर को नई और अहम जिम्मेदारी मिल सकती हैं। इसी तरह गुजरात चुनाव के रणनीतिकार माने जाने वाले सीआर पाटिल को दिल्ली में अहम भूमिका में लाये जाने की संभावना है।
हालांकि अभी तक ये तय नहीं है कि उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण पद मिलेगा या कैबिनेट मंत्री बनाए जाएंगे। वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के लिए भी नई जगह तलाशी जा रही है। अब वो जगह क्या होगी ये तो वक्त ही बताएगा।
कौन हटेगा, कौन शामिल होगा इस मुद्दे पर पार्टी में गहरी खामोशी है। इस बारे में हर किसी का यही कहना है कि इस बारे में सिर्फ एक शख्स को ही पता है और वो हैं खुद पीएम मोदी।

20 जनवरी से 436 सीटों पर 3 दिन रहेंगे केंद्रीय मंत्री
 

उधर आम चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा 20 जनवरी से उन 436 लोकसभा सीटों पर केंद्रीय मंत्रियों की तैनाती करेगी, जहां वह पिछला चुनाव लड़ी थी। मंत्री वहां रोटेशन आधार पर तीन दिन रुकेंगे और केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
 
 सूत्रों की मानें तो हर मंत्री के जिम्मे 7 से 8 सीटें होंगी। उन्हें केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उसके असर की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट बनानी होगी।
जानकारी जुटाने के बाद लोकसभा सीट के लिए एक ट्विटर हैंडल बनाकर उससे कम से कम 50 हजार फॉलोअर जोड़े जाएंगे। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं, धार्मिक गुरुओं और समुदायों से संवाद स्थापित किया जाएगा।

2023 के 10 विधानसभा चुनाव में  2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी
 

इस साल कर्नाटक, तेलंगाना, एमपी, राजस्थान, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा में चुनाव हैं। जम्मू-कश्मीर में भी उम्मीद है। पार्टी के सामने इनमें से 6 राज्यों में सरकार बचाने की चुनौती है। ऐसे में मंत्रिमंडल में वहां के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर जोर रहेगा। सरकार की ओर से साफ संकेत हैं कि नॉन परफार्मिंग मंत्रियों को टीम में स्थान नहीं मिलेगा।