Kharkhoda Maruti Plant: हरियाणा के इस शहर में लगेगा मारुति की कारों और बाईकों का प्लांट, जानिये कितनी मिलेगी जगह ?
 
Kharkhoda Maruti Plant: हरियाणा के खरखौदा में बनेंगी मारुति की गाड़ियां और मोटरसाइकिल, कार प्लांट के लिए 800 और बाइक के लिए 100 एकड़ जमीन देने का निर्णय,Kharkhoda Maruti Plant

खरखौदा आईएमटी में मारुति ग्रुप के दो बड़े प्लांट आने का रास्ता साफ हो गया है। मारुति सुजुकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड यहां 800 एकड़ में कार और 100 एकड़ में मोटरसाइिकल का प्लांट लगाएगी।

प्रदेश सरकार ने कंपनी को 900 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। ऑक्शन के जरिये कंपनी को यह जमीन 2 करोड़ 96 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दी जाएगी। कंपनी ने कुल कीमत का 10 प्रतिशत पैसा एचएसआईआईडीस के पास जमा भी करवा दिया है।

इतना ही नहीं, हरियाणा के आग्रह पर केंद्र सरकार ने इन दोनों प्लांट्स के लिए पर्यावरण की भी मंजूरी दे दी है। इस जमीन में पानी से जुड़ी कोई समस्या है। इसका समाधान प्रदेश सरकार करेगी। मारुति के साथ जमीन को लेकर सरकार का एमओयू हो चुका है।

अब कंपनी जिस दिन बाकी का 90 प्रतिशत पैसा जमा करवा देगी, सरकार जमीन मारुति के नाम ट्रांसफर कर देगी। खरखौदा आईएमटी कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे से भी कनेक्ट है। ऐसे में यहां आने वाले दिनों में और भी कई कंपनियों के आने के आसार हैं।

रविवार को यहां हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला ने दैनिक ट्रिब्यून के सवाल पर यह खुलासा किया। उन्होंने माना कि कोविड की वजह से औद्योगिक विकास पर असर पड़ा, लेकिन हरियाणा ने बेहतर मैनेजमेंट के चलते इस पर न केवल जल्द कंट्रोल पाया बल्कि नये निवेश को भी आकर्षित किया। दुष्यंत ने कहा कि महामारी की वजह से कई प्रदेशों में एमएसएमई की कई इकाइयां बंद हो गई, लेकिन हरियाणा में सूक्ष्म, लघु व मध्यम क्षेत्र के कई नये उद्योग शुरू हुए हैं।

प्रदेश सरकार ने कई तरह की रियायत और आर्थिक मदद के जरिये एमएसएमई को खड़े रखा। पिछले एक वर्ष के दौरान हरियाणा में लगभग 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित किया है।

सोहना आईएमटी में एटीसी बैटरी अपनी उत्पादन इकाई स्थापित कर रह है। कंपनी को जमीन दी जा चुकी है और उस पर कंस्ट्रक्शन कार्य आखिरी चरण में है। अगले एक साल में यहा बैटरियों का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इस इकाई से 7500 के करीब युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इसी तरह से मानेसर में फ्लिप-कार्ड ई-कॉमर्स कंपनी एशिया का सबसे बड़ा वेयर हाउस बना रही है। 5 से 7 मंजिला बनने वाला यह वेयर हाउस आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें 12 हजार के करीब युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

ग्लासिक पेंट्स को पानीपत में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के पास 80 एकड़ जमीन प्लांट लगाने के लिए दी गई है। झज्जर के झाड़ली में दो नई सीमेंट फैक्टरी आएंगी। साथ ही, बांगड़ सीमेंट के एडिशनल प्लांट को मंजूरी सरकार दे चुकी है।

‘50 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी’

दुष्यंत ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से सरकारी भर्तियों पर असर पड़ा है। प्रदेश सरकार ने अब विभिन्न विभागों व बोर्ड-निगमों में खाली लगभग 50 हजार पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है।

इसके लिए हरियाणा लोकसेवा आयोग व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को डिमांड भेजी जा चुकी है। कई भर्तियों के लिए आयोग प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है।

मिलेगा 75 प्रतिशत आरक्षण

प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाया हुआ है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया।

सरकार की दलील पर सुप्रीम कोर्ट युवाओं के रजिस्ट्रेशन की छूट दे चुका है और हाईकोर्ट को इस बाबत में जल्द निपटारा करने के आदेश दिए हुए हैं। दुष्यंत ने कहा कि हाईकोर्ट में मजबूत के साथ हरियाणा अपना पक्ष रख रहा है। हाईकोर्ट का फैसला आते ही 75 प्रतिशत आरक्षण का कानून राज्य में फिर से लागू हो जाएगा।

बिजनेस एक्टिविटी के लिए होगी हेली-सेवा

गठबंधन सरकार ने गुरुग्राम में 25 एकड़ में हेली-हब बनाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार से भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। एनसीआर की जरूरतें पूरा करने में यह हेलीकॉप्टर हब काफी कारगर सिद्ध होगा।

मेडिकल सेवाओं के अलावा बिजनेस एक्टिविटी भी इसके जरिये हो सकेंगी। हेली-हब में हेलीकॉप्टर के रखरखाव, मरम्मत आदि के भी प्रावधान होंगे। दुष्यंत ने कहा कि हाल ही में हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने एयरोस्पेस व डिफेंस सेक्टर को लेकर अपनी पॉलिसी को मंजूरी दी है।

इससे भी यहां कमर्शियल गतिविधियां बढ़ेंगी। प्रदेश की पांच हवाई पट्टियों के 10 किमी के एरिया में इससे जुड़ी कंपनियां अपने उत्पादन शुरू कर सकेंगी।