EWS Reservation: EWS आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने EWS आरक्षण पर केंद्र के फैसले को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की है.
 
 
EWS आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल

EWS Reservation :आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है. याचिका मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने दाखिल की है. इसी महीने की 7 तारीख को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने 3:2 बहुमत से EWS आरक्षण को संवैधानिक करार दिया था. पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि इंदिरा साहनी के फैसले में दी गई व्यवस्था के मुताबिक आरक्षण की अंतिम सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता. ईडब्ल्यूएस आरक्षण इस सीमा का हनन करता है.


पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि एससी/एसटी/ओबीसी को ईडब्ल्यूएस आरक्षण के दायरे से बाहर रखना भेदभाव पूर्ण है और इन जातियों के समानता के अधिकार का हनन है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता है. प्रधान न्यायाधीश यू यू ललित की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने केंद्र द्वारा 2019 में लागू किए गए 103वें संविधान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली 40 याचिकाओं पर चार अलग-अलग फैसले सुनाए. जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी एवं जस्टिस जे बी पारदीवाला ने कानून को बरकरार रखा, जबकि जस्टिस ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट ने इसे रद्द कर दिया.
न्यायमूर्ति माहेश्वरी ने अपना निर्णय पढ़ते हुए कहा कि 103वें संशोधन को संविधान के मूल ढांचे को भंग करने वाला नहीं कहा जा सकता.