बस ड्राइवर की बेटी ने किया पलवल का नाम रोशन, सिविल सर्विसेज में पाई 524वीं रैंक
निधि ने कहा कि जो लोग पहली बार में सफल नहीं हो पाते ऐसा नहीं है कि वह अगली बार भी असफल ही रहे. निधि ने कहा कि अगर असफलता मिलती है तो मेहनत करना मत छोड़िए सफलता एक दिन जरूर मिलेगी. निधि को यूपीएससी में 524 रैंक मिला है. निधि ने अपनी कामयाबी के पीछे अपने माता पिता का हाथ बताया है.
 
 
बस ड्राइवर की बेटी ने किया पलवल का नाम रोशन, सिविल सर्विसेज में पाई 524वीं रैंक

कृष्णा कॉलोनी की रहने वाली निधि गहलोत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में 524 रैंक मिली है. निधि के पिता सत्य प्रकाश एक निजी बस के चालक हैं. बस चला कर वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं. निधि की माता सुनीता गृहणी हैं और उनका एक छोटा भाई है जो एक निजी कंपनी में काम करता है.

निधि ने साल 2009 में अपनी दसवीं की परीक्षा पास की,  जिसके बाद उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़ाई करने की जगह उटावड़ पॉलिटेक्निकल कॉलेज में सिविल से डिप्लोमा में पढ़ाई शुरू की और साल 2013 में अपना डिप्लोमा पूरा किया. डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने बीटेक सिविल में एडमिशन लिया. साल 2017 में सिविल से बीटेक की पढ़ाई पूरी करके साल 2020 में उन्होंने वाईएमसीए यूनिवर्सिटी से सिविल से एमटेक की पढ़ाई पूरी की और उन्होंने एमटेक के रिजल्ट में यूनिवर्सिटी को टॉप किया.

निधि शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती थी जिसके लिए उन्होंने साल 2020 में तैयारी शुरू की और घर पर रहकर ही उन्होंने यूपीएससी (UPSC) के लिए तैयारी करनी शुरू की, लेकिन पहले प्रयास में वह असफल रही, जिसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास की तैयारी की और दूसरे प्रयास में उनको यह सफलता मिली है. निधि ने अपनी पढ़ाई रुटीन के बारे में बताया कि वह रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई करती हैं. पहली बार जब वह असफल हुई तो उनको काफी बुरा लगा था, लेकिन उन्होंने दोबारा से तैयारी शुरू की. 

निधि ने कहा कि जो लोग पहली बार में सफल नहीं हो पाते ऐसा नहीं है कि वह अगली बार भी असफल ही रहे. निधि ने कहा कि अगर असफलता मिलती है तो मेहनत करना मत छोड़िए सफलता एक दिन जरूर मिलेगी. निधि को यूपीएससी में 524 रैंक मिला है. निधि ने अपनी कामयाबी के पीछे अपने माता पिता का हाथ बताया है. निधि के माता-पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने इसके लिए बहुत मेहनत की है और वह चाहते हैं कि अब उनकी बेटी देश की सेवा करें.