UPSC Topper 2021 Ankita Agarwal (Air 2): आईआरएस अंकिता तीसरे प्रयास में बनीं सेकंड टॉपर, अब आईएएस बन, करेंगी ये काम

UPSC Civil Services Result 2nd Rank holder Ankita Agarwal: अंकिता अपने पहले ही प्रयास में आईआरएस (Indian Revenue Service) में चुनी गई थीं। अब तीसरे प्रयास में न केवल आईएएस बल्कि सिविल सेवा परीक्षा की दूसरी टॉपर बनकर दिखाया है। 

 
आईआरएस अंकिता तीसरे प्रयास में बनीं सेकंड टॉपर, अब आईएएस बन, करेंगी ये काम

UPSC Result 2021 Topper Ankita Agarwal: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2021 में दूसरा स्थान हासिल करने वाली अंकिता अग्रवाल 2020 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। अंकिता अपने पहले ही प्रयास में आईआरएस (Indian Revenue Service) में चुनी गई थीं। अब तीसरे प्रयास में न केवल आईएएस चुनीं गईं बल्कि सिविल सेवा परीक्षा की दूसरी टॉपर बनकर इतिहास भी रच दिया है।  

महिला सशक्तीकरण के लिए काम करने की चाहत : अंकिता

2020 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क) अधिकारी अग्रवाल वर्तमान में हरियाणा के फरीदाबाद में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (NACIN) में तैनात हैं। अंकिता का कार्यकाल अभी परिवीक्षाधीन है।
सोमवार को परिणाम जारी होने और दूसरी टॉपर बनने के बाद खुशी जाहिर करते हुए अंकिता अग्रवाल ने कहा कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में शामिल होने के बाद महिला सशक्तीकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिए काम करना चाहेंगी।
मैं दूसरी रैंक पाकर बहुत खुश हूं : अंकिता

अंकिता ने अकादमी से ही फोन पर बात करते हुए कहा कि मैं दूसरी रैंक पाकर बहुत खुश हूं। मैंने आईएएस को चुना है और सेवा में शामिल होने के बाद महिला सशक्तीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य और स्कूली शिक्षा क्षेत्रों के लिए काम करना चाहती हूं। कोलकाता की मूल निवासी अंकिता अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में परीक्षा टॉप की है। इससे पहले वह अपने पहले प्रयास में आईआरएस में चुनी गई थी।  

पढ़ने के लिए एक फिक्स रूटीन बनाया

सिविल सेवा परीक्षा 2021 में शीर्ष तीन रैंक हासिल करने वाली महिलाओं पर, जिसके परिणाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा दिन में घोषित किए गए थे, अग्रवाल ने कहा कि यह मेरे लिए और पूरे के लिए बहुत गर्व की बात है। देश में महिलाओं ने परीक्षा में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त किए हैं।
अपनी तैयारी और सफलता के मंत्र के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने बताया कि मैं परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक से अधिक घंटे देती थी। एक निश्चित संख्या में घंटे लगाने के बजाय, मैंने एक फिक्स रूटीन कार्यक्रम बनाए रखने की कोशिश की।