IAS Success Story: लगातार 2 बार UPSC परीक्षा पास करने वाली Himadri ने यूं की परीक्षा की तैयारी, Interview की सफलता के लिए बताई ये खास बात
 
हिमाद्री कौशिक देहरादून की रहने वाली हैं। उनके पिता राजीव कौशिक मर्चेंट नेवी के पूर्व चीफ इंजीनियर हैं। हिमाद्री बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज़ थीं और हमेशा से ही इकोनॉमिक्स उनका पसंदीदा विषय रहा है।

Success Story of IAS Himadri Kaushik: हिमाद्री कौशिक देहरादून की रहने वाली हैं। उनके पिता राजीव कौशिक मर्चेंट नेवी के पूर्व चीफ इंजीनियर हैं। हिमाद्री बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज़ थीं और हमेशा से ही इकोनॉमिक्स उनका पसंदीदा विषय रहा है।

उन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद साल 2015 में बिट्स पिलानी, गोवा से केमिकल इंजीनियरिंग और एमएससी इकोनॉमिक्स की ड्यूल डिग्री प्राप्त की है। इसी साल हिमाद्री ने यूपीएससी परीक्षा का पहला अटेम्प्ट भी दिया था। अपने पहले ही प्रयास में हिमाद्री ने प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली थी लेकिन वह मेन्स परीक्षा में असफल रहीं थीं।

इसके बाद हिमाद्री ने लगभग एक साल खूब मेहनत की और फिर साल 2016 में ही यूपीएससी परीक्षा का दूसरा अटेम्प्ट भी दिया। इस बार हिमाद्री ने परीक्षा में 304वीं रैंक प्राप्त की और उन्हें इंडियन रेवेन्यू सर्विस अलॉट कर दिया गया। जिसके बाद हिमाद्री की ट्रेनिंग शुरू हो गई थी।

हिमाद्री ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता तो प्राप्त कर ली थी लेकिन अभी भी उनके मन में आईएएस बनने का जज़्बा बाकी था। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग के दौरान परीक्षा न देने का फैसला किया था। हालांकि, उन्होंने साल 2018 में छुट्टी ली और फिर पूरी तरह से सिर्फ पढ़ाई पर फोकस किया और यूपीएससी परीक्षा का तीसरा अटेम्प्ट दिया।

आखिरकार हिमाद्री की मेहनत रंग लाई और उन्होंने परीक्षा में 97वीं रैंक प्राप्त किया। बता दें कि हिमाद्री के पति आयुष सिन्हा भी एक आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने साल 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में 7वीं रैंक प्राप्त की थी।

हिमाद्री का मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा में इंटरव्यू एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। वह कहती हैं कि आप अपने डीएएफ में जो भी भरें, उसकी तैयारी अवश्य करें। इसके अलावा इंटरव्यू में बहस करने से भी बचना चाहिए।