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हरियाणा

HCS रीगन कुमार फिर सस्पेंड, सरकार ने लिया एक्शन

The sarpanch of this village in Haryana was suspended, know the big reason

हरियाणा सरकार ने एक बार फिर कड़ा एक्शन लेते हुए एचसीएस अधिकारी रीगन कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले पंचकूला में एक मामले में उन्हे सस्पेंड किया गया था। इसके बाद अब उनकी ड्यूटी मेवात इलाके में थी। लेकिन एक बार फिर एचसीएस रीगन कुमार को सस्पेंड किया गया है।

हरियाणा सरकार ने एचसीएस अधिकारी रीगन कुमार को 99 लाख रुपये के गबन के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। रीगन कुमार फिलहाल फिरोजपुर झिरका में एसडीएम के पद पर तैनात थे।

आरोप है कि फिरोजपुर झिरका एसडीओ ( सी) रहते हुए रीगन कुमार ने पंचायत समिति के निदेशक के नाते बैंक से चेकबुक निकलवाई। जिसके बाद अलग अलग तीन कंपनियों के खुद ही साइन करके चेक जारी कर दिये।

फिरोजपुर झिरका के पंचायत एवं खंड विकास अधिकारी ने इस बारे में शिकायत दी तो इसका पूरा भेद खुला। जिसके बाद जिला उपायुक्त ने इसकी जांच एडीसी से करवाई । जिसके बाद जांच रिपोर्ट को मंडल आयुक्त के पास भेजी गई। मंडल आयुक्त ने रिपोर्ट सरकार को भेजी और सरकार ने एचसीएस रीगन कुमार को सस्पेंड किया है।

खंड एवं पंचायत विकास अधिकारी ने शिकायत में बताया कि फिरोजपुर झिरका पंचायत समिति के खाते से 99 लाख 49 हजार 200 रुपये की निकासी हुई है। जबकि पंचायत समिति के खाते से अदायगी ऑनलाइन होती है।

शिकायत में बताया गया कि यह निकासी रीगन कुमार के हस्ताक्षर से चेक से हुए है। जिसमें रोनक इंटरप्राइजेज के नाम 42 लाख 33 हजार 300 का चेक, देडवाल ट्रेडिंग कंपनी के नाम 43 लाख 15 हजार 900 का चेक और अनवर के नाम 14 लाख रुपये का चेक जारी किया गया।

बीडीपीओ की शिकायत के मुताबिक पुरानी चेकबुक पंचायती राज एक्सईएन के पास यूं की यूं रखी है। जो राशि निकाली गई है उसका कोई रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। ना ही इसके लिए कोई प्रस्ताव पास किया गया है।

अक्सर विवादों में रहने वाले रीगन सितंबर 2020 से फिरोजपुर झिरका में बतौर एसडीएम सेवाएं दे रहे थे। प्रदेश सरकार के पास उनकी कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें पहुंची थीं। जिनकी जांच के बाद निलंबन आदेश जारी हुए हैं। निलंबन अवधि के दौरान रीगन का मुख्य सचिव कार्यालय सिविल सचिवालय चंडीगढ़ रहेगा।

वह सर्विसेज-1 ब्रांच में उपस्थित रहेंगे। मुख्य सचिव की पूर्व अनुमति से ही वह मुख्यालय छोड़ सकेंगे। अनुमति न होने पर उन्हें कहीं जाने की इजाजत नहीं होगी। निलंबित रहने के दौरान उन्हें सर्विस रूल्स अनुसार जरूरी भत्ते मिलते रहेंगे।

मुख्य सचिव कार्यालय ने निलंबन का पत्र एचसीएस अधिकारी रीगन को भी भेज दिया है। पूर्व में निलंबन अवधि पूरा होने के बाद सरकार ने उन्हें एसडीएम के पद पर ही नियुक्ति दी थी लेकिन अपनी कार्यप्रणाली के कारण किसी न किसी विवाद से उनका नाम जुड़ता रहा है।

देखिये आदेश

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