PM Kisan की 13वीं क‍िस्‍त से पहले एक और खुशखबरी, इस योजना में बदलाव करेगी सरकार!

PMFBY: साल 2022 में महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब में ज्‍यादा बारिश देखने को मिली. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कम बारिश हुई, इससे धान, दलहन और तिलहन जैसी फसलों को नुकसान हुआ.
 
 
PM Kisan की 13वीं क‍िस्‍त से पहले एक और खुशखबरी, इस योजना में बदलाव करेगी सरकार!

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: प‍िछले द‍िनों पंजाब सरकार की तरफ से 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) को मंजूरी म‍िलने के बाद केंद्र सरकार की इस योजना पर अब एक और अपडेट आया है. कृषि सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि जलवायु संकट और तकनीक के तेजी से बदलाव को ध्‍यान में रखते हुए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बदलाव करने के ल‍िए तैयार है. यह बदलाव क‍िसानों के ह‍ित में होगा.

जलवायु आपदाओं से सीधे प्रभावित होती है खेती
आपको बता दें साल 2022 में महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब में ज्‍यादा बारिश देखने को मिली. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कम बारिश हुई, इससे धान, दलहन और तिलहन जैसी फसलों को नुकसान हुआ. हाल ही में, मौसम अनिश्चितता के उदाहरण भी बढ़े हैं. आहूजा ने बयान में कहा, 'चूंकि खेती इस तरह की जलवायु आपदाओं से सीधे तौर पर प्रभावित होती है, इसलिए देश के कमजोर क‍िसान वर्ग को प्रकृति की मार से बचाना अहम है.'

उन्होंने कहा कि इन पर‍िस्‍थ‍ित‍ियों में फसल बीमा की मांग बढ़ने की संभावना है. भारत में किसानों को पर्याप्त बीमा सुरक्षा प्रदान करने के लिए फसल, ग्रामीण और कृषि बीमा उत्पादों के अन्य रूपों पर अधिक जोर देने की जरूरत है. उन्होंने कहा, 'केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के हाल के जलवायु संकट और तेजी से तकनीकी विकास के जवाब में पीएमएफबीवाई (PMFBY) में किसान-समर्थक बदलाव करने के लिए तैयार है.'