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Good News- हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा होगी बंद, ऐसे मिलेगा युवाओं को रोजगार, जानिये
हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में ‘ठेकेदारी’ प्रथा को खत्म करने की तैयारी कर ली है। आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी प्रकार की नौकरियां अब सरकार ही लगाएगी। इसके लिए ‘हरियाणा कौशल रोजगार निगम’ नामक खुद की लिमिटेड कंपनी सरकार बनाएगी। बृहस्पतिवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई
 
Good News- हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा होगी बंद, ऐसे मिलेगा युवाओं को रोजगार, जानिये

हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में ‘ठेकेदारी’ प्रथा को खत्म करने की तैयारी कर ली है। आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी प्रकार की नौकरियां अब सरकार ही लगाएगी।

इसके लिए ‘हरियाणा कौशल रोजगार निगम’ नामक खुद की लिमिटेड कंपनी सरकार बनाएगी। बृहस्पतिवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

ठेकेदारी प्रथा खत्म करने को भाजपा चुनावी मुद्दा भी बनाती रही है। 2014 के विधानसभा चुनाव में इसे घोषणा-पत्र में भी शामिल किया गया था। गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज शुरू से ही ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ रहे हैं।

कैबिनेट ने दो करोड़ रुपये की इक्विटी शेयर के साथ कंपनी की स्थापना की मंजूरी दी है। प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनके ठेकेदारों द्वारा कॉन्ट्रेक्ट की नौकरियों की एवज में भी युवाओं से पैसा वसूला गया।

Good News- हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा होगी बंद, ऐसे मिलेगा युवाओं को रोजगार, जानिये

इसके अलावा समय पर वेतन नहीं देने, पीएफ आदि में धांधली, अधिक पैसों की कटौती के अलावा मनमर्जी से ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के मामले आम थे। ठेकेदारों के जरिये लगनी वाली नौकरियों में आरक्षण नीति का भी उल्लंघन हो रहा था।

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में यह कंपनी काम करेगी। अब सभी विभाग, बोर्ड-निगम, यूनिवर्सिटी व सरकार के स्वामित्व वाले संगठनों में कुशल, अर्धकुशल और अन्य मानव शक्ति की डिमांड इस निगम को भेजनी होगी। निगम आवश्यक योग्यता व अनुभव के अनुसार युवाओं का चयन कर बोर्ड-निगमों की जरूरत पूरी करेगा।

रोजगार की तलाश करने वाले उम्मीदवारों का ऑनलाइन रजिस्टर तैयार होगा। इतना ही नहीं, निगम द्वारा ऐसे युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जाएगा। पहले से ही कार्यरत कर्मचारियों को ट्रेनिंग तो दी ही जाएगी, साथ ही, प्राइवेट सेक्टर में भी युवाओं को रोजगार के लिए तैयार कर उनकी डिमांड पूरी की जाएगी। मुख्य सचिव इस कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) के चेयरमैन होंगे।