हरियाणा के इस शहर बनेगा देश पहला टैट्रापैक प्लांट, जानिये क्या होगा काम ?
 
हरियाणा के इस शहर बनेगा देश पहला टैट्रापैक प्लांट, जानिये क्या होगा काम ?

रोहतक, 11 मई : हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट भाषण में तरल दूध, फलों के रस और किण्वित दूध उत्पादों की पैकिंग के लिए हरियाणा राज्य का पहला टैट्रा पैक संयंत्र रोहतक में 125 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जायेगा। इस प्लांट की स्थापना के बाद लिक्विड उत्पादों को लम्बे समय तक भंडारण कर सुरक्षित रखा जा सकेगा। 

डॉ. बनवारी लाल स्थानीय वीटा प्लांट में 5.5 करोड़ रुपये की धनराशि से स्थापित किये जाने वाले बटर डीप फ्रीजर की आधारशिला रखने के उपरांत उपस्थित डेयरी प्रसंघो के सहकारों को संबोंधित कर रहे थे। बटर डीप फ्रीजर की आधारशिला रखने के समय हरियाणा डेयरी विकास सहकारिता निगम के चेयरमैन रणधीर सिंह तथा प्रबंध निदेशक ए श्रीनिवास, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय बंसल के अलावा हरिश कौशिक इत्यादि मौजूद रहे। उन्होंने बटर डीप फ्रीजर प्रोजेक्ट की जानकारी भी हासिल की।

सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि स्थानीय वीटा प्लांट में 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सफेद मक्खन के भंडारण के लिए बटर डीप फ्रीजर लगने से बटर को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे वीटा प्लांट से जुड़े सहकारों को भी लाभ होगा। पशुपालक डेयरी के साथ जुडक़र अपनी आजीविका बढ़ाये। एक हजार मीट्रिक टन क्षमता के बटर डीप फ्रीजर से बटर को वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे पूर्व बटर को दूसरी जगहों पर रखा जाता था। उन्होंने कहा कि किसान डेयरी के साथ जुडक़र अपनी आजीविका बढ़ा सकते है।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए अनेक कदम उठाये है। पशुपालक सहकारिता के साथ जुडक़र देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने मेंं अपना योगदान दें। सरकारी नौकरी सीमित है, ऐसे में युवा स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।

सरकार द्वारा डेयरी विकास निगम लिमिटिड के माध्यम से पशुपालकों को बिना गारंटी के एक लाख 60 हजार रुपये का ऋण तथा गारंटी पर 3 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। सरकार द्वारा अनेक सुविधाएं भी सहकारों को प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि दूध का व्यवसाय वर्षभर चलता है तथा वीटा उत्पादों की गुणवत्ता में लोगों का विश्वास है। उन्होंने लोगों का आह्वïान किया कि वे सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाये।

 हरियाणा डेयरी विकास सहकारिता फैडरेशन लिमिटेड के चेयरमैन रणधीर सिंह ने कहा कि वीटा प्लांट में बटर डीप फ्रीजर लगाने की पुरानी मांग को पूरा करते हुए डीप फ्रीजर की आधारशिला रखी गई है। बटर डीप फ्रीजर की मशीनें भी प्लांट में पहुंच चुकी है, जल्दी ही इस फ्रीजर को स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा डेयरी विकास सहकारिता फैडरेशन लिमिटेड का मुनाफा 25 करोड़ रुपये से बढक़र 35 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सहकारों की समस्याओं का यथाशीघ्र निपटारा किया जायेगा। 

सहकारिता मंत्री ने वीटा प्लांट का किया निरीक्षण :-
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने हरियाणा डेयरी विकास सहकारिता निगम के चेयरमैन रणधीर सिंह तथा प्रबंध निदेशक ए श्रीनिवास के साथ प्लांट का निरीक्षण किया तथा दूध से बनने वाले उत्पादों की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्लांट की पैकेजिंग व्यवस्था, करेट वॉशिंग, बोटल में दूध की पैकिंग, घी पैकिंग का भी अवलोकन किया। 

वीटा प्लांट वर्तमान में 4.5 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का कर रहा है उत्पादन :-
स्थानीय वीटा प्लांट की वर्तमान में उत्पादन क्षमता 4.5 लाख लीटर प्रतिदिन है। यह प्लांट एफसीएम, टोन्ड दूध, डबल टोन्ड दूध की आपूर्ति दुग्ध संयंत्र के कार्य क्षेत्र में आने वाले सभी नगरों में कर रहा है। दूध के अतिरिक्त यह संयंत्र वीटा घी, वीटा मक्खन, दही, नमकीन लस्सी, छाछ, पनीर व बर्फी इत्यादि का निर्माण कर ग्राहकों को आपूर्ति कर रहा है। यह संयंत्र भारतीय सेना को वीटा घी व दूध की आपूर्ति भी कर रहा है। मिड-डे-मिड मिल, आंगनवाडी योजना व खेल योजनाओं के अंतर्गत बच्चों व खिलाडिय़ों की दूध की मांग को पूरा करने के लिए प्रसंघ द्वारा सुगंधित मीठे दूध पाउडर की आपूर्ति भी की जा रही है। प्लांट में 4 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एसएफएसएमपी संयंत्र की स्थापना का भी लक्ष्य रखा गया है। 

विदेशों में भी निर्यात किया जा रहा है तरल दूध :-
प्लांट द्वारा हिन्दुस्तान यूनीलिवर लिमिटिड सोनीपत के माध्यम से इंडोनेशिया, मलेशिया आदि देशों में तरल दूध का निर्यात कर रहा है। दूध व दूध उत्पादों की गुणवत्ता के लिए इस संयंत्र को राष्टï्रीय डेयरी विकास बोर्ड आनंद द्वारा गुणवत्ता चिन्ह भी प्रदान किया गया है। दुग्ध उत्पादको से प्राप्त दूध की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए समितियों में 106 से अधिक बल्क दूध यूनिटें स्थापित की गई है। दुग्ध संघ रोहतक अपने दुग्ध उत्पादकों के लिए दुर्घटना बीमा, कन्यादान राशि, छात्रवृति योजना आदि भी क्रियान्वित कर रहा है। दुग्ध उत्पादकों को मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। गतवर्ष 2020-21 के दौरान योजना के तहत 7.76 करोड़ तथा 2021-22 में 6.23 करोड़ रुपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी गई है।