हरियाणा के इस जिले में 11000 करोड़ का निवेश करेगी मारुति कंपनी, गुरुग्राम प्लांट भी नहीं होगा बंद

कंपनी ने बताया कि नए संयंत्र का पहला चरण 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसकी उत्पादन क्षमता 2.5 लाख इकाई प्रति वर्ष की होगी। नए संयंत्र के निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक मंजूरियां ली जानी अभी बाकी हैं।

 
हरियाणा के इस जिले में 11000 करोड़ का निवेश करेगी मारुति कंपनी, गुरुग्राम प्लांट भी नहीं होगा बंद

देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ( एमएसआई ) ने शुक्रवार को कहा कि वह हरियाणा में स्थापित किए जाने वाले अपने नए विनिर्माण संयंत्र के पहले चरण में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एमएसआई ने शेयर बाजार को नए विनिर्माण संयंत्र के बारे में जानकारी दी। इसके मुताबिक कंपनी सोनीपत जिले के आईएमटी खरखौदा में 800 एकड़ जमीन के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके लिए कंपनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड ( एचएसआईआईडीसी ) के साथ करार किया है।

कंपनी ने बताया कि नए संयंत्र का पहला चरण 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। यहां प्रति वर्ष 2.5 लाख कार तैयार की जाएंगी। नए संयंत्र के निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक मंजूरियां ली जानी अभी बाकी हैं। एमएसआई ने कहा कि वह संयंत्र के पहले चरण पर 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। कंपनी ने कहा कि सोनीपत विनिर्माण संयंत्र में भविष्य में क्षमता विस्तार के लिए भी जगह होगी। फिलहाल मारुति सुजुकी के दो संयंत्र हरियाणा एवं गुजरात में सक्रिय हैं जिनकी कुल क्षमता करीब 5.5 लाख इकाई प्रति वर्ष है। एमएसआई के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने बताया कि 11,000 करोड़ रुपये के निवेश में भूमि की लागत, प्रारंभिक उत्पादन लाइनों की स्थापना और अन्य सभी सहायक बुनियादी ढांचे की स्थापना शामिल है।

भार्गव ने बताया कि हम आगे बढ़ने के साथ-साथ और निवेश करेंगे। इस संयंत्र से कंपनी को आने वाले समय में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। क्या नया संयंत्र कंपनी के गुरुग्राम स्थित संयंत्र की जगह लेगा के सवाल पर भार्गव ने कहा कि यह नया संयंत्र तैयार हो रहा है और यह अब से लेकर 2025 तक पैदा हुई मांग को पूरा करेगा। हम गुरुग्राम संयंत्र को तभी बंद कर सकते हैं, जब मांग नहीं बढ़ेगी और हमें अतिरिक्त क्षमता की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में बाजार की वृद्धि से संबंधित अनिश्चितताओं के कारण दीर्घकालिक योजनाओं को साझा करना संभव नहीं है। कंपनी ने पहले संकेत दिया था कि नया संयंत्र गुरुग्राम संयंत्र की जगह ले लेगा जो गंभीर भीड़ के मुद्दों का सामना कर रहा है। क्या नए संयंत्र का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन के विनिर्माण में किया जा सकता है के सवाल पर भार्गव ने कहा कि ऐसा हो सकता है।