हरियाणा में गर्मियों की छुट्टियों में छात्रों को आराम शिक्षकों को काम, विभाग ने सौंपी ये जिम्मेदारी

हरियाणा में गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को तो आराम मिलेगा लेकिन शिक्षकों को छुट्टियों में भी काम करना होगा। जून की छुट्टियों में आयोजित होंगे कैंप व प्रशिक्षण कार्यक्रम। शिक्षक बोले- उनकी छुट्टियां सिर्फ नाम की परिवार के साथ नहीं बिता पाएंगे समय।

 
हरियाणा में गर्मियों की छुट्टियों में छात्रों को आराम शिक्षकों को काम, विभाग ने सौंपी ये जिम्मेदारी

स्कूलों में जून में होने वाली गर्मी की छुट्टियों का इंतजार जितना बच्चों काे होता है, उतनी ही बेसब्री से गुुरुजन भी बाट देखते हैं। वह भी स्कूल से फ्री होकर अपने परिवार के साथ वैकेशन टूर प्लान करते हैं ताकि परिवार व बच्चों के साथ समय बिता कर मस्ती कर सकें। लेकिन अब की बार शिक्षा विभाग की ओर से गुरुजनों को छुट्टियों में भी व्यस्त करने का मन बना लिया है।

जून में होने वाली छुट्टियों में विभाग की ओर से शिक्षकों के लिए कई प्रशिक्षण और कैंप कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जो लगभग पूरा माह चलेंगे। इनमें सम्मलित होना शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। ऐसे में जिन अध्यापकों ने परिवार के साथ कहीं जाना निर्धारित किया हुआ था। वह कार्यक्रम निरस्त करनें होंगे। छुट्टियों में विभाग की ओर से करवाए जा रहे इन कार्यक्रमों से शिक्षकों में रोष है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 4350 शिक्षक कार्यरत हैं। जो छुट्टियों में किसी न किसी कार्यक्रम में व्यस्त रहेगे।

विभाग कर रहा अधिकारों का हनन : कलेर

शिक्षक नेता महेंद्र सिंह कलेर का कहना है कि विभाग शिक्षकों के अधिकारों का हनन कर रही है। जब उन्हें काम ही करना है तो उनको छुट्टियों का नाम क्यों दिया जा रहा है। विभाग के जो काम हैं उनको करने की बजाय शिक्षकों को परेशान करने में लगा हुआ है। शिक्षकों के साथ बच्चों की छुट्टियों को खराब किया जा रहा है। उनकी भी आनलाइन पढ़ाई करवाने की बात की जा रही है। अब छुट्टियों में भी बच्चों पर कक्षा लगाने का बोझ डाला जा रहा है। जो कि अनुचित है। उन्हाेंने कहा कि अध्यापकोंं की छुट्टियों में ट्रेनिंग नहीं होनी चाहिए। अगर होती है तो छुट्टियों में ट्रेनिंग के लिए अर्जित अवकाश दिए जाएं।

छुट्टियों में इन कामों में व्यस्त रहेंगे गुरुजन

- निपुण हरियाणा मिशन के तहत जेबीटी अध्यापकों की पांच दिवसीय ट्रेनिंग सभी जिलों की अलग-अलग चरणों में होगी। 

- एक जून से एक जुलाई तक 10वीं व 12वीं कक्षा में मेरिट हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मनाली कैंप में लेकर जाना होगा।

- 10वीं व 12वीं कक्षा के बच्चों को टैब से आनलाइन भी शिक्षकों को पढ़ाना होगा।

- 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस को लेकर भी अध्यापकों को छुट्टियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

- इसी दौरान निकाय चुनाव होने हैं। इसको लेकर भी अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

- 15 जून से बाढ़ग्रस्त एरिया के अध्यापकों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में लगाई जाती है। 

जेबीटी अध्यापकों की एफएलएन ट्रेनिंग हेतु ये हैं निर्देश

- अध्यापक विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई तिथियों और स्थानों में से स्वेच्छा से अपनी पसंद की तिथियां चुन सकते हैं।

- छुट्टियों के दौरान प्रशिक्षण लेने वाले अध्यापकों को बदले में 3 दिन का प्रतिपूर्ति अवकाश भी मिलेगा। जिसका उपयोग 15 अगस्त 2022 तक किया जा सकेगा।

- 30 मई से आरंभ होने वाले प्रथम बैच का प्रशिक्षण केवल मुख्यालय के खंड में ही होगा।

- गृह जिले से बाहर सेवाएं दे रहे जेबीटी शिक्षकों को गृह जिले में प्रशिक्षण लेने की छूट रहेगी।

- ट्रेनिंग का समय सुबह 9 बजे से 4 बजे तक का रहेगा।

- सभी अध्यापकों की बायोमैट्रिक हाजरी अनिवार्य रहेगी। एक ग्रुप में केवल 40 अध्यापक ट्रेनिंग लेंगे।

- प्रशिक्षण से पूर्व और प्रशिक्षण के बाद अध्यापकों का आनलाइन मूल्यांकन होगा। 

तीन दिन का प्रतिपूर्ति अवकाश मिलेगा

विभाग की ओर से एफएलएन का प्रशिक्षण 30 मई से शुरू होने का पत्र प्राप्त हुआ है। पांच दिन के प्रशिक्षण की एवज में शिक्षकों को तीन दिन का प्रतिपूर्ति अवकाश भी मिलेगा। प्रशिक्षण लेना सभी अध्यापकों के लिए अनिवार्य है।