हरियाणा सरकार का सहकारी बैंकों के कर्जदार किसानों को बड़ा तोहफा, एकमुश्त भुगतान पर ब्याज माफ
 
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सहकारी बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। ऋणों का भुगतान नहीं कर पाने वाले किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने एकमुश्त निपटान योजना शुरू की है।

कर्जदार मृत किसानों के उत्तराधिकारियों को एकमुश्त भुगतान पर 31 मार्च तक का पूरा सरचार्ज, जुर्माना ब्याज व अन्य खर्च माफ किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य सभी कर्जदार किसानों का 50 प्रतिशत ब्याज माफ करते हुए जुर्माना ब्याज व अन्य खर्च भी माफ किए जाएंगे।

सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला कृषि एवं भूमि विकास बैंक तथा जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सभी ऋणी किसानों और सदस्यों के लिए यह योजना लांच की है।

प्रदेश में बैंकों से कर्ज लेने वाले 17 हजार 863 किसानों की मौत हो चुकी है, जिन पर 175 करोड़ रुपये का मूलधन, 241 करोड़ रुपये ब्याज व 30 करोड़ पैनल ब्याज सहित कुल 445 करोड़ रुपये बकाया है। यह योजना सभी प्रकार के ऋण पर लागू रहेगी। यदि ऋण धारक किन्हीं कारणों से अपने ऋण का भुगतान नहीं कर सका और 31 मार्च 2022 को बैंक द्वारा डिफाल्टर घोषित कर दिया गया तो वह इस योजना का लाभ ले सकता है ।

गौरतलब है कि प्रदेश में 19 जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों के कुल 73 हजार 638 कर्जदार हैं जिन पर 2070 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें मूलधन 845 करोड़ रुपये, ब्याज 1112 करोड़ रुपये तथा 113 करोड़ रुपये का जुर्माना ब्याज शामिल है। ऐसे डिफाल्टर अपने ऋण का एकमुश्त भुगतान कर एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठा सकते हैं।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह योजना सीमित समय के लिए है, इसलिए संबंधित किसान पहले आएं-पहले पाएं की तर्ज पर योजना का लाभ उठाएं। योजना का लाभ उठाने व विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक व इनकी तहसील स्तर पर स्थापित 70 शाखाओं में संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी सरकार द्वारा वर्ष 2019 में ब्याज माफी योजना लागू की गई थी जिसके अंतर्गत बैंक द्वारा 605 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी। इस योजना के तहत 21 हजार 881 ऋणी सदस्यों की 182 करोड़ रुपये की राशि ब्याज के रूप में माफ की गई थी।