चंद मिनटों में तय होगी दिल्ली से गुरुग्राम की दुरी , द्वारका एक्सप्रेस- वे से जोड़ने के लिए सेक्टर-110 तक बनेगा ROB
 
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पालम विहार में रेजांग ला चौक से सेक्टर-110 तक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनने के बीच की सारी बाधाएं दूर हो गई है. रेलवे ने स्वीकृति दी है कि इसे बनने के लिए 50 प्रतिशत राशि रेलवे की तरफ से दी जाएगी. 50 प्रतिशत राशि गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) खर्च करेगा. पैसे को लेकर मामला बीच अधर लटका हुआ था. अगले हफ्ते से Tender प्रक्रिया की शुरुआत होगी. एक साल पहले बादशाहपुर के विधायक और हरियाणा कृषि उद्योग निगम के Chairman राकेश दौलताबाद ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक में रेजांग ला चौक से सेक्टर-110 तक Railway Over bridge बनाने की मांग की थी.


मुख्यमंत्री ने बैठक में ही दे दी थी सहमति
विधायक का तर्क था कि द्वारका एक्सप्रेस-वे की ओर एक नया गुरुग्राम तेजी से विकास कर रहा है. इस नए गुरुग्राम को पहले से विकसित गुरुग्राम से जोड़ने के लिए रेजांग ला चौक से सेक्टर-110 तक आरओबी बनाना जरूरी है. इससे दोनों इलाके बेहतर तरीके से आपस में जुड़ेंगे. विधायक के इस मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक में ही सहमति दें दी थी. कार्यवाही आगे बढ़े इसके लिए सबसे पहले Railway से सहमति जरूरी थी. साथ ही गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण चाहता था कि कम से कम 50 प्रतिशत राशि रेलवे द्वारा दी जाए. रेलवे ने ROB बनाने की सहमति देने के साथ ही 50 प्रतिशत राशि देने पर भी हामी भरी है.

कहीं भी नहीं आएगा ट्रैफिक सिग्नल

आरओबी सेक्टर-110 की तरफ जहां खत्म होगा उसी के पास से द्वारका एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है. इस तरह पालम विहार की तरफ से यानी रेजांग ला चौक से सीधे द्वारका एक्सप्रेस-वे तक पहुंचा जा सकेगा. कहीं भी Traffic Signal नहीं आएगा. इस तरह शहर के अधिकतर इलाकों के लोग द्वारका एक्सप्रेस-वे का लाभ सरलता से ले पाएंगे. बता दें कि रेजांग ला चौक से सेक्टर-110 की तरफ जाने पर बीच में दिल्ली-रेवाड़ी रेलवे लाइन है. हरियाणा कृषि उद्योग निगम के विधायक और चेयरमैन राकेश दौलताबाद का कहना है कि गुरुग्राम के लिए कोई भी योजना अगले कई वर्षों के लिए ध्यान में रखकर बनाने की आवश्यकता है क्योंकि शहर काफी तेजी से फैल रहा है.

शहर के अंदर कनेक्टिविटी बढ़ाने का अच्छा प्रयास

जिन सड़कोें पर चार-पांच साल पहले ट्रैफिक का कोई प्रेशर नहीं था वहां आज भारी दबाव देखने को मिलता है. इसी को ध्यान में रखकर मैंने रेजांग ला चौक से सेक्टर-110 तक आरओबी बनाने की मांग की थी. मैं बहुत खुश हूं कि यह योजना जल्द ही जमीनी तौर पर बदलने वाली है. यह योजना शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी वहीं, सुधीर राजपाल (सीईओ, GMDA) के अनुसार , आरओबी बनाने के बारे में रेलवे से मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू हो चुकी है. शहर के अंदर Connectivity बढ़ाने की दिशा में यह अच्छा प्रयास है. कोशिश रहेगी कि यह निर्माण जल्द ही पूरा हो. इसके साथ ही कई अन्य योजनाओं के ऊपर काम शुरू किया जाएगा जिससे कि सड़कों के ऊपर ट्रैफिक के Pressure को कम किया जा सके.