Approval given on local pollutant study: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोकल पोल्यूटेंट स्टडी पर दी मंजूरी, जानिए किन शहरों में होगी स्टडी

अब प्रदेश में कोई भी व्यक्ति या उद्योगपति कोई ऐसा काम नहीं कर सकेंगे जिसकी वजह से अधिक  वायु प्रदूषण होता हो। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 3 शहरों में लोकल पोल्यूटेंट पर स्टडी की मंजूरी दे दी है।
 
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोकल पोल्यूटेंट स्टडी पर दी  मंजूरी

Approval given on local pollutant study: अब प्रदेश में कोई भी व्यक्ति या उद्योगपति कोई ऐसा काम नहीं कर सकेंगे जिसकी वजह से अधिक  वायु प्रदूषण होता हो। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 3 शहरों में लोकल पोल्यूटेंट पर स्टडी की मंजूरी दे दी है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया 1 फरवरी से गुरुग्राम, सोनीपत और पानीपत में पहली बार स्टडी शुरू करेगी। इस स्टडी में 18 महीने का समय लगेगा। स्टडी पूरी होने के बाद वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाणा सरकार रोडमैप तैयार करेगी। डेटा संग्रह, सत्यापन और व्याख्या के बाद शोधकर्ता सभी उपायों को भी बताएंगे। इन उपायों में अलपकालीन और दीर्घकालीन  समय  दोनों को शामिल किया जाएगा। इसमें यह भी ध्यान रखा जाएगा कि कम लागत वाले अधिकतम लाभ देने वाले उपायों को लागू किया जाएगा।


दिल्ली में हो चुकीं हैं दो स्टडी
2010 में IIT कानपुर और 2019 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस तरह के दो अध्ययन पहले हो चुके हैं। हरियाणा में भी स्टडी के दौरान पहली बार शहरों के PM 2.5 और PM 10 के स्रोत का अध्ययन किया जाएगा। इसमें लोकल पोल्यूटेंट पर की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा। इस स्टडी से वाहन और गैर वाहन प्रदूषण स्रोतों से होने वाले प्रदूषण के डेटा के साथ ही पोल्यूटेंट की पहचान करने में मदद मिलेगी।

पूरे दिल्ली-NCR को होगा फायदा
हरियाणा के 3 शहरों के हवा की स्टडी से दिल्ली-NCR को फायदा होगा। इसकी वजह यह है कि इन तीन शहरों की हवा लगभग एक समान है। स्टडी के परिणाम आने के बाद वायु प्रदूषण के खिलाफ उपाय करने में भी काफी मदद मिलेगी। दिल्ली में कुछ अध्ययन हो रहे हैं, जिनमें राज्य के फरीदाबाद जिले को भी शामिल किया गया है।

ये भी मिलेगी जानकारी
हवा के अध्ययन से वायु प्रदूषण में राज्य के उद्योगों का कितना योगदान है यह भी जानकारी मिलेगी। इसमें यह भी पता चल पाएगा कि कौन सा उद्योग हवा को कितना प्रदूषित कर रहा है। इस जानकारी के बाद ये फायदा होगा कि हवा के प्रदूषण को कम करने के लिए किस उद्योग को कब बंद करना है यह तय हो पाएगा।