UPSC Results 2021: औरंगाबाद की आंगनबाड़ी सेविका के पुत्र ने हासिल किया 472वां रैंक तो शुभ्रा ने दूसरी बार भी क्रैक किया UPSC

UPSC Final Result 2021: औरंगाबाद जिले से अंकित सिन्हा ने 472वां रैंक हासिल किया है. वहीं, पहली बार में 308वां रैंक लाने वाली शुभ्रा ने दूसरी बार भी सिविल सेवा परीक्षा पास की है.

 
UPSC Final Result 2021: औरंगाबाद जिले से अंकित सिन्हा ने 472वां रैंक हासिल किया है. वहीं, पहली बार में 308वां रैंक लाने वाली शुभ्रा ने दूसरी बार भी सिविल सेवा परीक्षा पास की है.

औरंगाबाद: UPSC Final Result 2021 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित सिविल सेवा (Civil Service) परीक्षा 2021 के अंतिम रिजल्ट सोमवार को जारी कर दिया गया. इस परीक्षा में श्रुति शर्मा (Shruti Sharma) ने पहला स्थान प्राप्त किया है. इस साल की सेकेंड टॉपर अंकिता अग्रवाल बिहार के मधेपुरा जिले के बिहारीगंज की मूल निवासी हैं. बिहारीगंज में उनका पैतृक घर है और उनकी प्रारंभिक पढ़ाई भी बिहारीगंज में हुई है. इसके बाद उच्च शिक्षा कोलकाता और दिल्ली में प्राप्‍त की. वर्तमान में उनका परिवार कोलकाता में रहता है और पिता मनोहर अग्रवाल हार्डवेयर के व्यवसायी हैं. बता दें कि पिछले साल के टॉपर शुभम बिहार के थे.

वहीं, इस बार के सिविल सेवा परीक्षा में बिहार के औरंगाबाद जिले से अंकित सिन्हा और शुभ्रा ने सफलता हासिल की है. शहर के शास्त्री नगर निवासी आंगनवाड़ी सेविका मीना सिन्हा और बिपिन बिहारी के पुत्र अंकित सिन्हा ने सिविल सेवा परीक्षा में 472वां रैंक हासिल किया है. अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजन के साथ-साथ सभी मित्रों को दिया है, जिन्होंने संघर्ष के दौर में उसे संबल प्रदान किया. अंकित को अपने परीक्षा परिणाम में और बेहतर करने की उम्मीद थी, लेकिन कहीं थोड़ी चूक रह गई.

कठिनाई को पार करना ही सफलता का मूल मंत्र

अंकित सिन्हा के इस सफलता पर उनके माता-पिता काफी खुश हैं. उनके बेटे ने पूरे परिवार के सपनों को साकार कर दिखाया है. अंकित ने यूपीएससी की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को यह संदेश दिया है कि कठिनाई को पार करना ही सफलता का मूल मंत्र है. कभी भी परीक्षा को लेकर हतोत्साहित ना हो, क्योंकि ईमानदार संकल्प के साथ किए गए सार्थक प्रयास से लक्ष्य की प्राप्ति हो कर ही रहेगी.

किसान की बेटी ने हासिल किया 197वीं रैंक

वहीं, औरंगाबाद की शुभ्रा ने यूपीएससी में 197वीं रैंक लाकर अपने मां-बाप का नाम रोशन किया है. शुभ्रा के पिता एक किसान हैं और उनकी मां एक गृहणी हैं, बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों को पढ़ाने-लिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ा. बता दें कि पहली बार में 308वां रैंक लाने वाली शुभ्रा ने दूसरी बार भी सिविल सेवा परीक्षा पास कर यह साबित कर दिखाया कि कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं है.

पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी हैं शुभ्रा

पांच बहनों में दूसरे स्थान की बहन शुभ्रा फिलहाल जयपुर में इंडियन पोस्ट्स एंड टेलीकॉम फिनांस सर्विस में बतौर अधिकारी पदस्थापित है. शुभ्रा ने पहली बार मे आईआईटी की परीक्षा भी पास कर ली थी, मगर तब अच्छा रैंक नहीं आने की वजह से वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं कर सकी और उसने पॉलिटिकल साइंस को आगे की पढ़ाई की. शुभ्रा पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी हैं. इसी बीच यूपीएससी में चयनित हो गई, पर उनकी इच्छा विदेश सेवा में जाने की थी जिसे उन्होंने आखिरकार हासिल कर ही लिया. उनकी इस उपलब्धि से उनका परिवार काफी खुश है और उज्जवल भविष्य की कामना कर रहा है.