UPSC Result 2021: तीन बार असफलता के बावजूद भी नहीं टूटी हरियाणा की कनिका, अब बनी IAS

UPSC Civil Service Final Result 2021 यूपीएससी 2021 का फाइनल रिजल्ट घोषित हो चुका है। हरियााणा के बहादुरगढ़ की कनिका भी 64वीं रैंक हासिल कर IAS बनी। इससे पहले कनिका तीन बार असफल रही थीं और चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की।

 
तीन बार असफलता के बावजूद भी नहीं टूटी हरियाणा की कनिका, अब बनी IAS

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विसेज की परीक्षा में 64वीं रैंक के साथ सफल हुई बहादुरगढ़ की कनिका राठी तीन बार असफल भी हुई। तीनों ही बार प्री-एग्जाम भी पास नहीं कर पाई, मगर हार नहीं मानी। चौथे प्रयास से पहले इंटेलीजेंस ब्यूरो(IB) की नौकरी छोड़ी। फिर से तैयारी की और इस बार सफलता हासिल कर ही ली।

कनिका की इस कामयाबी ने परिवार को भी वह खुशी दी है, जिसका इंतजार कई साल से था। माता-पिता और परिवार के सभी लोग फूले नहीं समा रहे हैं। कनिका का परिवार मूल रूप से झज्जर के खरहर गांव से है। इस समय बहादुरगढ़ के दयानंद नगर में रहता है। कनिका के पिता नरेश राठी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से बतौर एसडीओ रिटायर हैं। माता नीलम देवी अभी दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं।

सरकारी नौकरी लगी, लेकिन मन नहीं था संतुष्ट

कनिका राठी से बड़ी उनकी बहन वनिका राठी शादीशुदा है। वे एमएससी पासआउट हैं। छोटे भाई अमन ने अभी स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। पूरा परिवार पढ़ा लिखा होने से कनिका भी प्राथमिक स्तर से ही मेधावी रही। बारहवीं की परीक्षा 94 प्रतिशत अंकों से पास की। फिर दिल्ली के किरोड़ीमल कालेज से स्नातक की पढ़ाई की। 28 वर्षीय कनिका ने यूपीएससी की परीक्षा के लिए पहली बार 2015 में तैयारी की। पढ़ाई के दौरान परीक्षा दी, मगर सफलता नहीं मिली। फिर दोबारा 2017 में परीक्षा दी, लेकिन नतीजा वही रहा। इससे कनिका को निराशा हुई, तो दूसरी सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किए। इसमें सफल रही। आइबी में नौकरी लगी। पटना में ज्वाइनिंग हुई। इस बीच स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

नौकरी छोड़ फिर से की तैयारी

कनिका को सरकारी नौकरी तो मिल गई थी, लेकिन मन में असंतुष्टि का भाव था। ऐसे में फिर से यूपीएससी के लिए कोशिश की, तीसरी बार भी असफल रही। यहां से कनिका ने भी सपना को सच करने की ही ठान ली। करीब दो साल तक आइबी में नौकरी के बाद कनिका ने त्यागपत्र दे दिया और फिर पूरे इत्मिनान के साथ पढ़ाई की। चौथे प्रयास में सफलता मिली तो सपना सच हो गया। कनिका बताती हैं कि उनके गांव की ही शैली ने जब यूपीएससी परीक्षा पास की, तब और प्रेरणा मिली।

पूरे परिवार ने बढ़ाया हौंसला

कनिका कहती हैं कि माता-पिता और पूरे परिवार ने हौसला बढ़ाया। ऐसा नहीं होता तो शायद यह सफलता भी नहीं मिलती। पिता इंजीनियर हैं और चाचा अनिल राठी डाक्टर हैं, इसलिए बचपन में सोचा था कि इनमें से किसी फील्ड में नहीं जाना। फिर आइएएस बनने का ही सपना देखा। वहीं कनिका के पिता नरेश राठी ने बताया कि उनके परिवार से सभी बेटियां हमेशा से ही उच्च शिक्षित रही हैं। इधर, कनिका के घर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।