Delhi Murder: चार लोगों के हत्यारे केशव का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस, लूट व शराब तस्करी के कई मामले दर्ज
Delhi Murder पालम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर केशव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है। उसपर लूट झपटमारी व शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार केशव नशे का आदी है।
 
 
Delhi Murder:

Delhi Murder:  पालम इलाके में दिल दहला देने वाले एक मामले में नशे में धुत युवक ने अपने माता-पिता, बहन व दादी की बेरहमी से हत्या कर पूरा परिवार खत्म कर दिया। वारदात के बाद आरोपित युवक केशव सैनी ने मौके से फरार होने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपित ने दादी दीवानो देवी की हत्या गला दबाकर की, जबकि माता-पिता दिनेश कुमार सैनी व दर्शन सैनी और बहन उर्वशी को गला रेतकर मार डाला।

हर समय माता-पिता व दादी से नशे के लिए पैसों की करता था मांग
पालम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर केशव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है। उसपर लूट, झपटमारी व शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, केशव नशे का आदी है। वह हर समय माता-पिता व दादी से नशे के लिए पैसों की मांग करता था और नहीं देने पर सबको जान से मारने की धमकी देता था। मंगलवार को भी इसी को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय में संविदा पर कार चालक की नौकरी कर रहे दिनेश कुमार सैनी (48) अपने परिवार के साथ पालम के राजनगर इलाके में घर की दूसरी मंजिल पर रहते थे। पहली मंजिल पर दिनेश के भाई चंद्रपाल सैनी का परिवार रहता है। दिनेश के परिवार में पत्नी दर्शन (47), बेटा केशव (25) व बेटी उर्वशी (22) थे। पहली मंजिल पर रहने वाले दिनेश के भतीजे कुलदीप ने बताया कि दिनेश की पहले खुद की कार वर्कशाप थी और उनकी खुद की भी कारें थीं, जिन्हें भाड़े पर चलाकर उन्हें आय होती थी।


केशव अक्सर नशे में हंगामा करता रहता था
उनकी पत्नी दर्शन रोहिणी में अशक्त बच्चों के एक संस्थान में केयर टेकर की नौकरी करती थीं। उर्वशी ने हाल में फिजियोथेरेपी का कोर्स करने के बाद आन काल फिजियोथेरेपी का काम शुरू कर दिया था। आरोपित केशव फिलहाल बेरोजगार था। कुलदीप ने बताया कि बुधवार रात करीब पौने दस बजे वह दुकान से घर आए तो उन्होंने चाचा के घर पर शोर-शराबे की आवाज सुनी। केशव अक्सर नशे में हंगामा करता रहता था, इसलिए कुलदीप को कुछ असामान्य नहीं लगा, लेकिन तभी उर्वशी की चिल्लाने की आवाज आई। कुलदीप भागकर ऊपर पहुंचे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। तब तक शोर आना बंद हो गया।


स्कूटी पर सवार होकर भागने की फिराक में था केशव
कुलदीप को कुछ शक हुआ तो उन्होंने पड़ोस में रहने वाले अपने ताऊ ईश्वर सिंह को बुला लिया। दरवाजा खटखटाने पर केशव ने कुलदीप से अपने घर का मसला होने की बात कह कर वहां से चले जाने के लिए कहा। काफी देर तक दरवाजा खुलवाने का प्रयास करते-करते जब दरवाजा नहीं खुला तो साढ़े दस बजे कुलदीप ने पीसीआर काल कर पुलिस को खबर दी। इसके बाद बाकी पड़ोसी भी वहां आ गए। तभी किसी के नीचे कूदने की आवाज सुनकर लोग भागे तो उन्होंने देखा कि शाफ्ट से होकर केशव भूतल पर पहुंच गया और स्कूटी पर सवार होकर भागने की फिराक में है, तभी लोगों ने उसे पकड़ लिया।


शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल भेजा
पुलिस की मौजूदगी में दरवाजे के ऊपर लगी ग्रिल से अंदर घुसकर मेन गेट खोला गया तो सबके होश उड़ गए। बाथरूम में कुलदीप के चाचा व चाची, कमरे में दादी व बहन मृत पड़े थे। फौरन एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल भेज दिया गया। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद सभी के शव परिवार के हवाले कर दिए गए। पुलिस आरोपित केशव से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने घर से ही वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है।