Crime News: फर्जी कागजात से सिम और बैंक खाते खुलवा रहे ठग, फिर करते ठगी की वारदात

साइबर ठगी का मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अंबाला में एक के बाद एक करके 18 सौ से ज्‍यादा मामले सामने आ चुके हैं। फर्जी आइडी लेकर सिम और बैंक खाता खुलवाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है।
 
 
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Crime News: साइबर ठग आए दिन नया-नया तरीका अपना आनलाइन फ्राड करके लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस साल अभी तक करीब 1885 केस जिले में रजिस्टर्ड हो चुके हैं। औसतन हर महीने जिले में करीब 185 केस रजिस्टर्ड हो रहे हैं।

इनमें केस में से जिला पुलिस अभी तक करीब 920 मामलों को ट्रेस करते हुए 40.65 लाख रुपये रिकवर कर चुकी है। लेकिन जो मामले अनट्रेस हैं उनमें करोड़ों रुपये की रिकवरी करनी अभी बाकी है। साइबर ठग कभी रिश्तेदार तो कभी खुद को जानकार बताकर, कभी बिजली निगम के कर्मी तो कभी बैंक कर्मी बनकर लोगों को चपत लगा रहे हैं।


चलाया जा रहा जिले में विशेष अभियान

साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देख अंबाला पुलिस ने जागरूकता अभियान भी चलाया है। साइबर क्राइम को ध्यान में रखते हुए थाने के स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही लोगों को बताया जा रहा है कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करके पैसा वापस लौटने की संभावना हैं। एक-दो केस ऐसे भी हैं जिनमें शिकायतकर्ता ने 1930 नंबर पर मोबाइल पर बैंक से पैसे निकलते ही काल कर दिया। ऐसे में शिकायतकर्ता के खाते में पैसे लौट आए।

फर्जी आइडी पर सिम लेकर ठग करते हैं काल

अब तक जांच में सामने आया है कि शातिर ठग जिन नंबर से काल और मैसेज करते हैं वे सभी फर्जी आइडी पर खरीदे हुए हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस ने साइबर क्राइम के साथ-साथ 79 आपराधिक मामले भी दर्ज किए हैं। ज्यादातर शातिर ठग बिहार और बंगाल में बैठकर वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस की टीमें जब केस ट्रेस करने के लिए मौके पर पहुंचती हैं तो वहां का पता ही सही नहीं मिलता। शातिर साइबर ठग मोबाइल नंबर के अलावा बैंक खाते भी फर्जी पते पर ही खुलवाते हैं।


"निश्चित तौर पर साइबर ठगी के मामलों में इजाफा हो रहा है। हम साइबर ठगी से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं। लोगों ने आह्वान है कि किसी भी अंजान व्यक्ति को ओटीपी नंबर या आधार कार्ड नंबर न बताएं। ठगी होने पर 1930 नंबर पर संपर्क करें और साइबर सेल में शिकायत दें।