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सिरसा: डीएपी खाद की कमी से किसान परेशान, घंटों लाइनों में खड़े रहने के बावजूद मिलते हैं मात्र पांच बैग
सिरसा। राजस्थान की सीमा से सटे चोपटा क्षेत्र में डीएपी खाद की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । खेतों में काम के समय में किसानों को विक्रय केंद्रों पर घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है इसके बावजूद भी पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलकर मात्र 5
 
सिरसा: डीएपी खाद की कमी से किसान परेशान, घंटों लाइनों में खड़े रहने के बावजूद मिलते हैं मात्र पांच बैग

सिरसा। राजस्थान की सीमा से सटे चोपटा क्षेत्र में डीएपी खाद की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । खेतों में काम के समय में किसानों को विक्रय केंद्रों पर घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है इसके बावजूद भी पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलकर मात्र 5 बैग खाद दी जा रही है।

खाद की कमी से परेशान किसानों का कहना है कि किसान हितेषी का ढोंग करने वाली सरकार बिजाई के समय में भी पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। राजस्थान की सीमा से सटे चौपटा खंड में इस समय सरसों की बिजाई का समय चल रहा है बिजाई के समय डीएपी खाद की आवश्यकता होती है लेकिन पिछले कई दिनों से क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत चल रही है । विक्रय केंद्रों पर किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है तथा इसके बावजूद भी खाद नहीं मिलती।

किसान होशियार सिंह , नरेश गोदारा, राजीव, पंकज, सतीश, भंवरलाल, भीम सिंह, अनिल कुमार, कालूराम , मांगेराम, निहाल सिंह, राजवीर, शंकरलाल, नरेंद्र, शक्ति सिंह , जनक सहित लाइनों में लगे सैकड़ों किसानों ने बताया कि चौपटा क्षेत्र के आसपास दड़बा कलां नाथूसरी कलां , लुदेसर,  हजीरा इत्यादि गांवों के किसान खाद लेने के लिए पिछले 3 दिन से चोपटा स्थित इफको केंद्र के सामने लाइन में लगे हुए हैं । सुबह जल्दी उठकर लाइन में लग जाते हैं लेकिन शाम तक खाद नहीं मिलती ।

इनका कहना है कि सरकार एक तरफ तो साल 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कर रही है लेकिन कभी नहरी पानी में कटौती कर देती है और कभी पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध नहीं होते । इस समय सरसों और गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद की सख्त आवश्यकता है।

लेकिन खाद नहीं मिल रही है इस समय खेतों में काम का समय चल रहा है तो दूसरी तरफ खाद लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने और सुबह खाली पेट लाइन में लगते हैं और शाम तक लाइन में लगने के बावजूद भी खाद नहीं मिलती और जब मिलती है तो एक किसान को मात्र पांच बैग डीएपी खाद के दिए जा रहे हैं जिससे सरसों और गेहूं की बिजाई करना काफी मुश्किल काम हो गया है ।

इनका कहना है कि सरकार को तुरंत खाद उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि समय पर सरसों व गेहूं व अन्य फसलों की बिजाई की जा सके।