खेती के इस आईडिये ने बदल दी किसान की जिंदगीख, खुद मालामाल हुए अब दूसरों को भी सिखा रहा
 
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एक समृद्ध किसान बनने की जिद ने किसान को कामयाबी की उस बुलंदी तक पहुंचा दिया शायद उसने कभी नहीं सोचा होगा। कुरुक्षेत्र के एक किसान ने परंपरागत खेती छोड़कर सब्जी की खेती कर अपनी और अपने परिवार की तकदीर बदल दी। आई पढ़ते हैं किसान की प्रेरणादायक स्टोरी पूरी डिटेल के साथ।

HR Breaking News : कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के गांव दबखेड़ी के किसान सुनील ने परंपरागत खेती छोड़कर सब्जी की खेती शुरू कर पूरे परिवार की तकदीर बदल दी है। 
सुनील ने 15 एकड़ में लोहे की स्टैकिंग लगवाकर घीया, तोरई और करेले की खेती शुरू कर रखी है। इस खेती में सुनील को अच्छा मुनाफा हो रहा है। उसके मुनाफे को देखकर कई जिलों के किसान उसके खेत देखने और खेती की विधि समझने पहुंच रहे हैं।

नई विधि अपनाकर सब्जी की खेती शुरू करने वाले सुनील ने अपने व साथ लगते गांवों के करीब 35 लोगों को अपने ही खेत में काम भी दे रखा है।
स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले सुनील ने पांच साल पहले अपने खेती के तरीके को बदला। इससे पहले सुनील अन्य किसानों की तरह अपने खेत में गेहूं और धान की खेती करते थे। साल-साल दर साल खेतों में गेहूं और धान की खेती करने से जमीन बंजर होती जा रही थी।

इससे पैदावार के लिए ज्यादा से ज्यादा खाद और कीटनाशक खेत में डालने से खर्च भी बढ़ता जा रहा था। खेती में बढ़ते खर्च और कम होती आमदन से तंग आए सुनील ने पांच साल पहले तीन एकड़ में सब्जी की खेती शुरू की। इससे उसे अच्छी आमदनी हुई और इस काम में बागवानी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें पूरा सहयोग दिया।

करीब 35 एकड़ में कर रहे सब्जी की खेती, टपका सिंचाई से बचा रहे पानी


सुनील अब अपने करीब 35 एकड़ खेत में सब्जी की खेती कर रहे हैं। खास बात यह है कि सुनील इस खेती को टपका सिंचाई से कर रहे हैं। ऐसे में वह 70 प्रतिशत तक पानी भी बचा रहे हैं। वह सालाना एक से तीन लाख रुपये प्रति एकड़ कमाई कर रहे हैं।