UPSC Success Story: Renu Raj ने डॉक्टरी छोड़ दिया UPSC का एग्जाम और हासिल की दूसरी रैंक, पहले ही प्रयास में बनीं IAS
Renu Raj ने डॉक्टरी छोड़कर पहले यूपीएससी एग्जाम UPSC Exam दिया और ऑल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल कर आईएएस अफसर बन गईं.
 
 
 IAS RENU RAJ
रेनू राज (Renu Raj) ने इंटरव्यू में बताया था, 'मेरे मन में ख्याल आया कि एक डॉक्‍टर होने के नाते वह 50 या 100 मरीजों की मदद कर सकती थी, लेकिन एक सिविल सेवा अधिकारी के नाते उसके एक फैसले से हजारों लोगों को लाभ मिलेगा. इसके बाद मैंने यूपीएससी का एग्जाम देने का फैसला किया.'
 
केरल के कोट्टायम की रहने वाली रेनू राज (Renu Raj) ने डॉक्टरी छोड़कर पहले यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) दिया और ऑल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल कर
आईएएस अफसर बन गईं. हाल में एस्पिरेंट (Aspirant) नाम की एक वेबसीरीज आई थी, जिसमें यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहे तीन दोस्तों की कहानी दिखाई गई है. इस मौके पर हम आपको कुछ ऐसे ही लोगों की स्टोरी बता रहे हैं, जिन्होंने कई मुश्किलों का सामना कर यूपीएससी पास किया.
RENU RAJ
रेनू राज (Renu Raj) ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केरल के कोट्टायम के सेंट टैरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद कोट्टायम के ही गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की.
RENU RAJ
यूपीएससी पाठशाला की रिपोर्ट के अनुसार, रेनू राज (Renu Raj) ने डॉक्टरी के साथ साल 2014 में यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) दिया और पहले अटेम्प्ट में दूसरी रैंक हासिल कर आईएएस अफसर बन गईं. रेनू के पिता एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और इनकी मां एक हाउस वाइफ हैं. रेनू की दोनों बहने और उनके पति पेशे से डॉक्टर हैं.
RENU RAJ
रेनू राज (Renu Raj) ने इंटरव्यू में बताया था, 'मेरे मन में ख्याल आया कि एक डॉक्‍टर होने के नाते वह 50 या 100 मरीजों की मदद कर सकती थी, लेकिन एक सिविल सेवा अधिकारी के नाते उसके एक फैसले से हजारों लोगों को लाभ मिलेगा. इसके बाद मैंने यूपीएससी का एग्जाम देने का फैसला किया.'
RENU RAJ
रेनू राज (Renu Raj) जब यूपीएससी टॉपर बनीं, तब भी एक डॉक्टर के रूप में काम कर रही थीं. रेनू बताती हैं कि 2013 से ही वह यूपीएससी परीक्षा के लिए हर रोज 3 -6 घंटे की पढ़ाई किया करती थीं. डॉक्टरी की प्रैक्टिस के साथ ही उन्होंने छह-सात महीने तक ऐसा किया. इसके बाद उन्होंने फुल टाइम तैयारी करने का फैसला किया. हालांकि मेंस एग्जाम के बाद उन्होंनेफिर से डॉक्टरी प्रैक्टिस शुरू कर दी और इसके लिए उन्हें अपने पढ़ाई के घंटे तीन-चार घंटे कम करने पड़े, लेकिन इसका असर उन्होंने इसका असर तैयारी पर नहीं पड़ने दिया.