UPSC Success Story: चार साल की कड़ी मेहनत, दूसरे प्रयास में सफलता, पढ़ें IAS अफसर श्रुति शर्मा की कहानी
 
UPSC Success Story

सिविल सेवा परीक्षा-2021 में इतिहास की छात्रा श्रुति शर्मा ने पहली रैंक हासिल की है. यही नहीं, टॉप 10 में पहले चार पायदान पर महिलाओं ने ही कब्जा जमाया है. जबकि नंबर वन रैंक हासिल करने वाली श्रुति शर्मा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं. उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि हासिल की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया है.

संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सीएसई अंतिम परिणाम में 508 पुरुष और 177 महिलाओं समेत कुल 685 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं. आयोग के मुताबिक, सफल अभ्यर्थियों में पहले चार स्थानों पर महिलाओं ने कब्‍जा किया है. इसके अलावा टॉप 25 में 15 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं. शीर्ष स्थान हासिल करने वाली महिलाओं ने कहा कि वे महिला सशक्तिकरण और शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करना चाहेंगी.

श्रुति शर्मा ने दूसरे प्रयास में हासिल की सफलता
दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास (ऑनर्स) के साथ स्नातक कर चुकीं श्रुति शर्मा का परीक्षा में वैकल्पिक विषय इतिहास था. उन्‍होंने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है. श्रुति शर्मा ने कहा कि ‘अत्यंत सहायक’ माता-पिता और दोस्तों ने उनकी इस यात्रा में मदद की. मैं अपने खुद के नोट्स बनाया करती थी.

धैर्य और निरंतरता के अलावा स्व-अध्ययन ने मेरी काफी मदद की. साथ ही कहा कि क्‍वालिटी नहीं बल्कि कई घंटों तक की गई पढ़ाई सफलता में काफी मायने रखती है. इसके अलावा श्रुति शर्मा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा को अपना पहला विकल्प चुना था.

उन्होंने कहा, ‘शिक्षा और महिला सशक्तिकरण मेरे दो अहम क्षेत्र रहेंगे.’ जानकारी के मुताबिक, श्रुति पिछले दो साल से जामिया मिलिया इस्लामिया में आवासीय कोचिंग एकेडमी से कोचिंग, तो चार साल से आईएएस बनने के लिए कड़ी मेहनत कर रही थीं.  वह बिजनौर के चांदपुर के बास्टा कस्बे की रहने वाली हैं. वहीं, घर में माता-पिता व भाई है. माता ग्रहणी हैं, तो पिता दिल्ली में एक निजी स्कूल चला रहे हैं.

सामान्य वर्ग के 244, तो पिछड़ा वर्ग के 203 कैंडिडेट पास
आयोग के मुताबिक, सफल लोगों में सामान्य वर्ग के 244, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 73, अन्य पिछड़ा वर्ग के 203, अनुसूचित जाति के 105 और अनुसूचित जनजाति के 60 अभ्यर्थी सफल हुअए हैं. हर साल सिविल सेवा परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है.

यह परीक्षा तीन चरणों में होती है, जिसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का चयन किया जाता है. यूपीएससी की लिखित (मुख्य) परीक्षा का आयोजन जनवरी, 2022 में किया गया था और साक्षात्कार अप्रैल-मई में आयोजित किए गए थे.