Success Story: कंपनी सचिव से बन गईं IAS, एक आर्टिकल ने बदल दी सोनल गोयल की ज़िंदगी
 
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 (Success Story, IAS Sonal Goel). ज्यादातर IAS ऑफिसर्स (IAS Officer) की कहानी काफी रोचक होती है. इनकी मेहनत से लेकर 10वीं की मार्कशीट और सोशल मीडिया प्रेजेंस तक सुर्खियों में छाई रहती है. Success Story सीरीज़ (IAS Sonal Goel Success Story) में आज पढ़िए आईएएस सोनल गोयल की खास कहानी.

आईएएस सोनल गोयल ने साल 2008 में सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. वे देश की सबसे चर्चित महिला आईएएस ऑफिसर्स में से एक हैं. उनकी सक्सेस स्टोरी वाकई काफी दिलचस्प है (IAS Sonal Goel Success Story). उसे जानकर आप न सिर्फ प्रेरित हो सकते हैं, बल्कि उनके जज्बे की तारीफ करते हुए भी नहीं थकेंगे.

कंपनी सचिव के तौर पर हुई करियर की शुरुआत
आईएएस सोनल गोयल (IAS Sonal Goel) का जन्म बेशक हरियाणा के पानीपत में हुआ था लेकिन उनकी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से हुई है. 12वीं के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया था. सीएस की पढ़ाई के दौरान उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया था. सोनल गोयल ने बतौर कंपनी सचिव एक फर्म में नौकरी भी की थी.

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ऐसे छाया सिविल सेवा का जुनून
आईएएस सोनल गोयल को सिविल सेवा (Civil Services) या यूपीएससी परीक्षा की खास जानकारी नहीं थी. उन्होंने सीएस (Company Secretary) की पढ़ाई के दौरान किसी मैगजीन में यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exan) से जुड़ा आर्टिकल पढ़ा था. बस तब से ही ठान लिया था कि आगे जाकर आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) बनना है.

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पिता ने दी थी अनमोल सीख
सोनल गोयल के पिता ने उन्हें पढ़ाई के दौरान काफी अनमोल सीख दी थी (IAS Sonal Goel Success Story). सोनल ने जब घरवालों को यूपीएससी परीक्षा के बारे में बताया था तो उनके पिता ने उनसे बैकअप प्लान बनाए रखने के लिए कहा. इसलिए सीएस की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई शुरू कर दी थी.

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दूसरे प्रयास में हुईं सफल
IAS सोनल गोयल ने पहला प्रयास साल 2006 में दिया था, लेकिन उसमें वे असफल हो गई थीं. फिर 2007 में उन्होंने दोगुनी तैयारी के साथ प्रतियोगी परीक्षा दी थी. तब उन्हें उसमें 13वीं रैंक हासिल की थी (IAS Sonal Goel Rank). सोनल गोयल का मानना है कि यूपीएससी परीक्षा के लिए दो अटेंप्ट काफी होते हैं. पहले प्रयास में असफल होने पर अपनी गलतियां समझ में आ जाती हैं.

सोनल गोयल पढ़ाई में काफी होशियार थीं. लेकिन यूपीएससी परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है और इसीलिए बैकअप प्लान भी जरूरी था.